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सावधान: फेसबुक आईडी हैक कर पैसा मांगने वालों से न थानेदार बच पा रहे न आम आदमी

Mon, 27 Apr 2020 01:49 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Cyber Crime - फोटो : Social Media
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वाराणसी के पहड़िया क्षेत्र निवासी टेंट कारोबारी शरद श्रीवास्तव की सोमवार सुबह नींद खुली तो उनके फेसबुक मैसेंजर पर सत्येंद्र की यूजर आईडी से मैसेज था। शरद ने जवाब दिया तो उधर से जरूरी काम बता कर पैसे की मांग की गई।

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शरद ने कहा कि आप अपना नंबर दें तो पुलिस से मदद करवा देता हूं। इस पर उधर से कोई जवाब नहीं आया। चूंकि शरद साइबर जालसाजी से भलीभांति वाकिफ थे तो वह चंगुल में फंसने से बच गए, लेकिन कई लोग इतनी सतर्कता नहीं बरत पाते हैं और अपना पैसा गंवा देते हैं।

विजय कुमार श्रीवास्तव, कोऑर्डिनेटर, जिला साइबर क्राइम टीम

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कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जबसे लॉकडाउन घोषित किया गया है, तबसे जिले में फेसबुक आईडी हैक कर पैसे मांगने के मामले में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन जालसाज आम आदमी के साथ ही पुलिस के साथ भी धड़ल्ले से जालसाजी कर रहे हैं।

हाल ही में चोलापुर थानाध्यक्ष हरिनारायण पटेल की फेसबुक आईडी हैक कर उनकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को जरूरी काम बता कर जालसाजों ने पैसा मांगा। इसके बाद चोलापुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे सहित कई अन्य लोगों की फेसबुक आईडी हैक करके भी उनकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों से जालसाजों ने पैसा मांगा। कई लोग जालसाजों के झांसे में आकर पैसा दे भी दिए।

इस संबंध में वाराणसी की साइबर क्राइम टीम के कोऑर्डिनेटर विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सबसे पहले हमें यह सोचना चाहिए कि अगर हमारे किसी परिचित को पैसे की आवश्यकता होगी तो वह हमें सीधे फोन करेगा। मैसेज करके हाय-हैलो करने के बाद पैसा नहीं मांगेगा।
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पासवर्ड में मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, नाम और शहर का पिन कोड आदि न इस्तेमाल करें। पासवर्ड को कुछ दिनों के अंतराल पर बदलते रहें। साथ ही फेसबुक में सिक्योरिटी संबंधी जो भी विकल्प दिए गए हैं, उनको ऑन रखें।

साइबर क्राइम टीम के पास इस तरह की जो भी शिकायत आती है, वह अकाउंट तत्काल ब्लॉक कर दिया जाता है। चूंकि ऑनलाइन जालसाज सैकड़ों-हजारों किलोमीटर दूर बैठ कर जालसाजी करते हैं, इसलिए उन्हें चिह्नित कर पकड़ पाना बहुत मुश्किल काम है। ऐसे में हमारी सतर्कता ही जालसाजों से सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
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