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EO सुसाइड प्रकरण: भाजपा सांसद का मुख्यमंत्री को पत्र, 'सीएम साहब जांच कराएं बड़ी साजिश का है अंदेशा'

Sun, 12 Jul 2020 01:27 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, बलिया

सार

  • ईओ मणि मंजरी मौत प्रकरणः ईओ का चालक गिरफ्त में, नायब तहसीलदार समेत कई को पुलिस ने भेजा नोटिस
  • मनियर नंगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) मणि मंजरी राय ने सोमवार (6 जुलाई) की रात को लगाई थी फांसी।
  • मौके पर छोड़ा था सुसाइड नोट, जिसमें उन्होंने रणनीति के तहत फंसाने का लगाया था आरोप।
  • पिता ने हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया, भाई ने चेयरमैन समेत छह पर कराया मुकदमा दर्ज।
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भाजपा सासंद वीरेंद्र सिंह मस्त। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बलिया जिले के मनियर नगर पंचायत की ईओ मणि मंजरी राय की मौत का प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। परिवार वालों की तरफ से केस दर्ज कराने के बाद पुलिस की जांच में भी तेजी आ गई है। क्राइम ब्रांच से मामला कोतवाली पुलिस को देने के बाद पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। केस दर्ज होने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष समेत अन्य आरोपी फरार हो गए हैं।

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मणि मंजरी के चालक को पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। इस बीच परिवार वालों की शिकायत पर भारतीय जनता पार्टी से बलिया सदर सांसद व भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मस्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यही नहीं उन्होंने पत्र को ट्विटर पर ट्वीट भी किया है।


कहां गायब हैं तहसीलदार रजत सिंह?
मनियर नगर पंचायत की अध्यक्ष मणि मंजरी राय की मौत की गुत्थी सुलझाने में बैरिया तहसील के नायब तहसीलदार रजत सिंह की भूमिका अहम हो गई है। मणि मंजरी ने सुसाइड करने के ऐन पहले आखिरी बातचीत नायब तहसीलदार रजत सिंह से ही की थी। मोबाइल पर हुई यह बातचीत काफी लंबी चली थी। बताते हैं कि इस बातचीत में मणि मंजरी ने अपनी स्थिति से लेकर उठाने वाले खौफनाक कदम की जानकारी दी थी । रजत सिंह नायब तहसीलदार बनने के पहले जिले के एक नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी रहे।

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मणि मंजरी राय (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
रजत के मणि मंजरी से बेहद मधुर संबंध रहे। मणि मंजरी की मौत के अगले दिन से नायब तहसीलदार रजत जिले में नहीं हैं। चर्चा है कि वह अवकाश लेकर लोक सेवा आयोग द्वारा पी सी एस का आयोजित साक्षात्कार में सम्मिलित होने इलाहाबाद गये हुए हैं। इस मध्य मीडिया ने रजत को लगातार फोन कर घटना की वस्तुस्थिति की जानकारी का प्रयत्न किया, लेकिन रजत सिंह ने मीडिया का कोई काल रिसीव नही किया है। उन्होंने अब तक अपना पक्ष न तो पुलिस के सामने रखा है और न ही मीडिया को ही कोई जानकारी दी है।

जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रहे भीम गुप्ता!
इस मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता के भूमिगत होने के बाद उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की छापेमारी के कुछ देर पहले तक अध्यक्ष भीम गुप्ता मनियर में रहे। उन्होंने मुकदमा दर्ज होने के बाद मीडिया से बातचीत में स्वयं को निर्दोष भी बताया , फफक कर रो भी पड़े। लेकिन जब पुलिसिया जांच में सहयोग का समय आया तो वह नगर पंचायत के बहुचर्चित कम्प्यूटर लिपिक अखिलेश के साथ फरार हो गए।

चर्चा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष ने इस दौरान भाजपा के कद्दावर नेताओं से सम्पर्क साधा तथा मदद की गुहार लगाई, लेकिन भाजपा नेताओं ने इस मामले के हाई प्रोफाइल होते देख हस्तक्षेप से इंकार कर दिया। इस मुकदमे की विवेचना शहर कोतवाल को सुपुर्द किये जाने व मुकदमे के त्वरित निस्तारण के लिए पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित होने के बाद पुलिस ने तहकीकात तेज कर दिया है।

पुलिस फिलहाल इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों की खोजबीन में जुटी है। अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी के वाहन चालक रहे चंदन वर्मा से पूछताछ पुलिस के साक्ष्य संकलन का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस ने मामले में अपर जिलाधिकारी राम आसरे के साथ ही नायब तहसीलदार रजत सिंह, अधिशासी अधिकारी द्वय मृदुल व संजय राव व कई अन्य लोगों को बकायदा नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने को कहा है।
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सांसद ने भेजा सीएम को पत्र
इस बीच भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कल पत्र लिखकर कहा है कि मणि मंजरी तेज तर्रार अधिकारी थी। उन्होंने मृतिका के पिता की मांग का हवाला भी दिया है। पिता जय ठाकुर राय ने आत्महत्या के पीछे बड़े षड्यंत्र का आरोप लगाया है। उन्होंने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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