इतनी है फूलों की कीमत
कोलकाता से रजनीगंधा (500 रुपये सैकड़ा) व वेबी फूल (50 रुपये बंडल), असम से घोड़ा पत्ता (50 रुपये बंडल), शिमला से स्टार (100 रुपये में 10 पीस) व डच गुलाब (400 रुपये 10 पीस), पुणे व बंगलूरू से डंडी गुलाब (600 सैकड़ा), लखनऊ से जलबेरा (120 रुपये 10 पीस), दिल्ली, हैदराबाद व लखनऊ से जिप्सी (600 रुपये बंडल), हैदराबाद व नागपुर से ऑर्किड (400 रुपये सैकड़ा) व स्टिक (800 रुपये सैकड़ा), लिली (700 रुपये में 10 पीस) आ रहे हैं।
आर्टिफिशियल फूलों से भी सज रहे लॉन
सजावटी फूलों के दाम में तेजी से आर्टिफिशियल फूलों की मांग बढ़ी है। इंग्लिशिया लाइन स्थित फूलमंडी के पास ही इसकी भी मंडी है। यहां पूर्वांचल भर से छोटे व्यापारी आर्टिफिशियल फूल खरीद कर ले जा रहे हैं। कारोबारी राजेंद्र कश्यप ने बताया कि ओरिजनल फूलों की तरह आर्टिफिशियल फूल भी खूब आ रहे हैं। इन फूलों से लंबे समय तक लॉन व घरों को सजा सकते हैं। इसलिए इसकी मांग 50 फीसदी से अधिक है। इस समय मेरठ, दिल्ली, मुंबई, सूरत, कोलकाता आदि शहरों से आर्टिफिशियल फूल आ रहे हैं।
दांपत्य जीवन में बंधे 84 जोड़े
चोलापुर ब्लाॅक मुख्यालय परिसर में शुक्रवार को मंगल गीतों के साथ शहनाई की धुन गूंजी। शादी के मंडप सजे तो घराती-बरातियों में उमंग और उल्लास दिखा। जन प्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों की मौजूदगी में 84 जोड़ों ने धूमधाम से शादी रचाई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत चिरईगांव के 37 और चोलपुर के 47 जोड़ों का धूमधाम से विवाह हुआ। हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी हुई। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीशचंद दुबे ने विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें उपहार भी दिए।