वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर रविवार की शाम मरीज को लेने के लिए नई दिल्ली से आ रहा एयर एंबुलेंस निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से पहुंचा। इसकी वजह से मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने शव ले जाने से इंकार कर दिया। एयरपोर्ट पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
एयरपोर्ट के अधिकारियों के काफी समझाने और फूलपुर थाने पर घटना के संबंध में तहरीर देने के बाद रात दो बजे के लगभग परिजन शव लेकर घर रवाना हुए। मिर्जापुर निवासी अध्यापक राजेश कुमार सिंह (43) की तबीयत खराब होने पर उन्हें वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रविवार को हालत खराब हुई तो डॉक्टरों ने राजेश को गुरुग्राम स्थित अस्पताल ले जाने की सलाह दी। राजेश के दोस्त डॉ. आशीष राय ने ऑनलाइन एयर एंबुलेंस बुक किया और इसके लिए बाबतपुर एयरपोर्ट स्थित निजी विमानन कंपनी के पास चार लाख रुपये जमा किए।
10 से 15 मिनट कह कर लगाए घंटों
निजी विमानन कंपनी की ओर से बताया गया कि एयर एंबुलेंस 10 से 15 मिनट में आ जाएगा लेकिन नहीं आया। इसी बीच डॉ. राजेश की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें बाबतपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात 8:30 बजे एयरपोर्ट से कॉल आई कि एयर एंबुलेंस आ गई है तो परिजन राजेश को लेकर पहुंचे। राजेश को एयर एंबुलेंस में जैसे ही शिफ्ट किया गया उनकी मौत हो गई।
इससे नाराज राजेश के परिजनों ने हंगामा करते हुए शव लेने से इंकार कर दिया। सूचना पाकर एयरपोर्ट, सीआईएसएफ और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस संबंध में एयरपोर्ट निदेशक अनिल कुमार राय ने बताया कि नई दिल्ली एयरपोर्ट पर कंजेशन के कारण एयर एंबुलेंस के आने में देरी हुई। मरीज की हालत गंभीर थी और इसी वजह से उनकी मौत हो गई।
त्योहार के कारण महंगी हुई विमान यात्रा
त्योहारों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से हवाई यात्रा महंगी हो गई है। सोमवार को मुंबई से वाराणसी के बीच इकोनामिक क्लास का अधिकतम किराया 22 हजार और न्यूनतम 15 हजार रुपये तक रहा। सामान्य दिनों में मुंबई से वाराणसी का किराया पांच से सात हजार रुपये केे आसपास रहता है।
वहीं, नई दिल्ली से वाराणसी के लिए अधिकतम किराया पंद्रह हजार रुपये और न्यूनतम किराया छह हजार रुपये रहा। सामान्य दिनों में नई दिल्ली से वाराणसी का किराया ढाई हजार से साढ़े तीन हजार रुपये तक रहता है। प्रतिदिन आठ से नौ हजार यात्रियों की आवाजाही बाबतपुर एयरपोर्ट से होती है।