पहले शिकायतें थीं तो महत्वपूर्ण पटल क्यों दिया
जांच के दौरान मीडिया कर्मियों ने अधिकारियों से सवाल किया कि संबंधित बाबू के खिलाफ पहले से भ्रष्टाचार की शिकायतें होने के बावजूद उन्हें रजिस्ट्रेशन जैसे महत्वपूर्ण पटल की जिम्मेदारी क्यों दी गई। बाबू की कार पर मानक के विपरीत नंबर प्लेट लगाए जाने की शिकायत का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर उप परिवहन आयुक्त ने स्थानीय अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह भी जांच का विषय है।
पांच टेलर लेकर कार्यालय पहुंचे थे वाहन स्वामी
विनय सिंह शुक्रवार को पांच टेलर लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे और वाहनों को कार्यालय के सामने खड़ा कर दिया था। इससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पांचों टेलरों के पंजीकरण के लिए रजिस्ट्रेशन पटल पर तैनात बाबू ने 50 हजार रुपये की मांग की। उनका कहना था कि सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद करीब एक सप्ताह से पंजीकरण की प्रक्रिया लंबित थी।
प्रमाण के साथ शिकायत करने की अपील
उप परिवहन आयुक्त ने लाइसेंस बनाने के नाम पर वसूली और पंजीकरण में दलालों की मध्यस्थता की शिकायतों पर लोगों से प्रमाण के साथ शिकायत करने की अपील की। उन्होंने बताया कि हल्के वाहन के प्रशिक्षण के लिए छह हजार और भारी वाहन के प्रशिक्षण के लिए 10 हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। मोटर ट्रेनिंग सेंटर पर बिना प्रशिक्षण के शुल्क लिए जाने की शिकायत प्रमाण के साथ मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।