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कैंट रेलवे स्टेशन से 40 दिनों तक प्रभावित रहेगा ट्रेनों का परिचालन
- रोजाना 102 जाेड़ी ट्रेनों का परिचालन, एक लाख यात्रियों का आवागमन
- 10 अप्रैल से कई ट्रेनें निरस्त रहेंगी तो कुछ बदले रूट से चलाई जाएंगी
- तमाम ट्रेनें रि-शेड्यूल होंगी, खाका तैयार करके रेलवे बोर्ड को भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का परिचालन 10 अप्रैल से करीब 40 दिनों के लिए प्रभावित हो सकता है। इसका मसौदा उत्तर रेलवे ने तैयार करके रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जो प्रस्ताव बना है, उसके मुताबिक, कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। कई ट्रेनें निरस्त रहेंगी तो कुछ बदले रूट से चलाई जाएंगी। तमाम ट्रेनों को रि-शेड्यूल किया जा रहा है। नई व्यवस्था से यात्रियों को परेशानी होगी। कैंट रेलवे स्टेशन से रोजाना एक लाख यात्रियों का आवागमन होता है। 102 जोड़ी ट्रेनें चलती हैं।
कैंट रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का काम कराया जा रहा है। प्लेटफार्म नंबर दस और ग्यारह नया बना है। मालगाड़ियों के लिए अलग लाइन भी बनाई गई है। कैंट रेलवे स्टेशन से वाराणसी सिटी के बीच रेलवे ट्रैक डबल हुआ है। इन सबको इंटरलॉकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसी लिहाज से पहले बिफोर नान इंटरलाॅकिंग (बीएनआई), फिर नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) का काम कराया जाएगा। इसका मतलब है कि ट्रेनों का परिचालन इंटरलॉकिंग सिग्नल सिस्टम नहीं होगा। सभी ट्रेनों का परिचालन मैनुअल (नान इंटरलॉक) किया जाएगा। इससे ट्रेनों के प्लेटफार्म पर देर से आने की संभावना रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक बीएनआई और एनआई का काम करीब 40 दिनों में पूरा होगा। इस अवधि में ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहेंगी। बदलाव का खाका तैयार करके मंडल कार्यालय ने लखनऊ भेजा था, फिर उत्तर रेलवे के लखनऊ मुख्यालय से रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया। सब कुछ प्रस्ताव के हिसाब से रहा तो जल्द ही ट्रेनों के मैनुअल परिचालन का आदेश जारी कर दिया जाएगा।
यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी, आउटर पर नहीं खड़ी होंगी ट्रेनें
कैंट रेलवे स्टेशन पर यॉर्ड रिमॉडलिंग का काम 567 करोड़ रुपये से कराया जा रहा है। इससे यात्री सुविधाएं बढ़ जाएंगी। काम पूरा होने के बाद ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो जाएगा। जो ट्रेंन शिवपुर या फिर वाराणसी सिटी के आसपास आउटर पर खड़ी हो जाती थीं, वह धड़धड़ाते हुए कैंट रेलवे स्टेशन पर आ जाएंगी।
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यार्ड रिमॉडलिंग से यात्री सुविधाएं बढ़ जाएंगी। ट्रेनें आउटर पर नहीं खड़ी होंगी। जब भी ट्रेनों का परिचालन मैनुअल होगा, उसका प्रभाव पड़ेगा। इसके बाद ट्रेनों के परिचालन में आसानी होगी। यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है।-गौरव दीक्षित, निदेशक कैंट रेलवे स्टेशन