रोडवेज बसों में सवारी करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में रोडवेज बसों में यात्रियों को भीगते हुए सफर करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को हुई बारिश में कैंट बस स्टेशन की पड़ताल में सामने आया कि रोडवेज की कई बसों में बारिश से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था ही नहीं है।
बृहस्पतिवार को बारिश में कैंट रोडवेज पर यात्रियों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ा। इस दौरान प्रयागराज को जाने वाली यूपी 65 एटी 6295 बस की आखिरी सीट पर दाहिनी ओर के शीशे की जगह टीन से बंद मिली। विंध्यनगर डिपो यूपी 65 एटी 0029 की छत छतिग्रस्त मिली वहीं, सोनभद्र डिपो यूपी 65 एटी 9320 के पीछे के आपातकालीन खिड़की के शीशे नहीं थे। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि बसों की समय-समय पर मरम्मत कराई जाती है। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। जिस भी बस में दिक्कतें हैं उन्हें जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा। वाराणसी जोन से कुल 521 बसों का संचालन होता है। जिनमें कैंट रोडवेज से 60, काशी डीपो से 84, ग्रामीण से 65 और सिटी से कुल 130 बसों का संचालन किया जाता है। इनमें खराबी होने पर उन्हें कार्यशालाओं में भेजकर मरम्मत कराई जाती है। क्षेत्रीय कार्यशाला में चार, कैंट डीपो में दो, काशी में दो, गाजीपुर में एक, विंध्यनगर में एक गाड़ी मेजर मेंटेनेंस के लिए खड़ी हैं।
गाजीपुर अपने घर लौट रहा हूं। बारिश में बस का सफर करने से भीगकर आना पड़ा। - राहुल यादव, यात्री
प्रयागराज जा रहा हूं। बारिश में बस के सफर में दिक्कत होती है। खिड़कियों से पानी आता है।- नितेश यादव, यात्री
बस से लखनऊ जाना था। लेकिन बस की हालत देखकर बारिश की वजह से भीगने का डर है।- यश ठाकुर, यात्री
आजमगढ़ जा रहा हूं। बारिश के समय मजबूरी में रोडवेज बस से जाना पड़ रहा है।- अंकित जायसवाल, यात्री