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UP: 'साहब, मेरी सीट दिलवा दीजिए, लंबा सफर है...' रिजर्व सीटों पर कांवड़ियों का कब्जा, रोज आ रहीं 40 शिकायतें

Thu, 01 Aug 2024 05:49 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: सावन में बिहार और झारखंड से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन को लेकर आ रहे इन यात्रियों को ट्रेनों में भीड़ का सामना करना पड़ता है। रिजर्वेशन के बावजूद इन्हें खड़ा होकर सफर करना पड़ रहा है।
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यात्रियों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साहब! मेरी सीट पर कांवड़ियां बैठ गए हैं और साथ में कांवड़ भी रखा है। प्लीज कुछ करिये ताकि मुझे सीट मिल सके...कोलकाता तक जाना है। इस तरह की शिकायतें इस समय बिहार व झारखंड रूट की ट्रेनों में बढ़ गई है। 

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रेल मदद एप, 139 नंबर और एक्स पर यात्रियों की गुहार पर आरपीएफ और जीआरपी सीट उपलब्ध करवा रही है। रोज 30 से 40 शिकायतें सिर्फ बर्थ संबंधित आ रही हैं। उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के कंट्रोल में ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई हो रही है।

सावन में वाराणसी समेत पूर्वांचल की ट्रेनें और बिहार व झारखंड रूट की ट्रेनों में यात्रियों को सीट नहीं मिल रही है। आरक्षण होते हुए भी सीट पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। कैंट स्टेशन से ट्रेन खुलने के बाद पीडीडीयूनगर स्टेशन पर कांवड़िया सवार हो जा रहे हैं। 
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वापसी में भी यही हाल है। समूह में कांवड़ियों के होने के चलते टीटीई और स्कॉर्ट ड्यूटी में शामिल जीआरपी भी कुछ नहीं कहती है। स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और जीआरपी कोच में भीड़ खाली कराती है, लेकिन कुछ देर बाद फिर वहीं स्थिति हो जाती है। रविवार और मंगलवार को सभी कोच फुल रहे।

पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि कोच में अनधिकृत यात्रियों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बलिया और अन्य रूट पर टीम चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है।

केस-एक
बलिया निवासी संजीत सिंह ने बताया कि वह 30 जुलाई को पंजाब मेल के एस-1 कोच में आठ नंबर बर्थ पर कैंट से कोलकाता का सफर कर रहे थे। ट्रेन खुलते ही काशी स्टेशन पर कांवड़ियों ने बर्थ पर कब्जा कर लिया। एक्स और 139 पर शिकायत की। पीडीडीयूनगर स्टेशन पर आरपीएफ ने बर्थ खाली कराया।

केस-दो
दारानगर के कृष्णकांत तिवारी 29 जुलाई को फरक्का एक्सप्रेस में एस-3 में सात नंबर बर्थ पर सफर कर रहे थे। लखनऊ के पास कांवड़ियां कोच में भर गए। लखनऊ से लेकर वाराणसी कैंट तक परेशानी हुई। एक्स और रेल मदद पर शिकायत के बाद भी कोई खास फर्क नहीं पड़ा।

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