एक वाहन पर ईवीएम पहुंचने और स्ट्रांग रूम में रखे जाने की सूचना पर सपा-बसपा गठबंधन संग कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी के नेताओं की भीड़ जुट गई। सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव की अगुवाई में आक्रोशित भीड़ ने मिनी ट्रक पर लादकर आए 35 ईवीएम को हटाने की मांग की और धरने पर बैठ गए।
बाद में डीएम के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह लोग माने और सकलडीहा से आई ईवीएम को फिर से वहीं वापस करदिया गया। मौके पर पहुंचे डीएम नवनीत सिंह चहल ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा कि चुनाव के दौरान गड़बड़ ईवीएम को रिप्लेश करने के लिए रिजर्व में मशीनें रखी जाती हैं। उन्हीं ईवीएम को सकलडीहा से मंगाया गया है लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था।
मिज़ार्पुर के कांग्रेस प्रत्याशी ललितेशपति त्रिपाठी ने स्ट्रांग रूम में अतिरिक्त ईवीएम रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रेक्षक ललित दास से शिकायत की है कि पॉलिटेक्निक स्ट्रांग रूम परिसर में तीन सौ अतिरिक्त ईवीएम रखे गए हैं। कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्न चिह्न लग गया है। निष्पक्ष मतगणना के लिए अतिरिक्त ईवीएम हटाने की मांग की गई है।
मऊ में ईवीएम को बदलने की अफवाह पर सोमवार रात साढ़े दस बजे मंडी परिषद में बने स्ट्रांगरूम पर पहुंचे सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी के 50-60 समर्थकों के हंगामा करने पर पुलिस ने पीटा और खदेड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, एसपी सुरेंद्र बहादुर मौके पर पहुंच गए। डीएम का कहना है कि ईवीएम की सुरक्षा के लिए पार्टी के दो लोगों को बतौर एजेंट रखा गया है।