इसी के मद्देनजर बिरादरी साधाने के लिए भाजपा ने प्रदेश की सत्ता में आने के बाद अनिल राजभर को कम अनुभव के बिना स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया। बलिया के सकलदीप राजभर को राज्यसभा का सदस्य बनाया गया। बाद में गाजीपुर में केंद्रीय संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महाराजा सुहेलदेव पर स्मारक डाक टिकट जारी कराया गया। मऊ से हरिनारायण राजभर लोकसभा में पहले से ही थे।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राजभर को आठ सीटें दी थीं। इनमें से चार सीटों पर सुभासपा प्रत्याशी जीते, जिनमें दो गाजीपुर से थे। एक रामकोला (देवरिया) और एक अन्य वाराणसी के अजगरा से विधायक है। राज्यसभा चुनाव के दौरान लेन-देन के मामले को लेकर भाजपा के रिश्ते असहज हो गए थे।
सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी होने के दौरान भी ओमप्रकाश बागी हो गए थे। उधर, इसी चुनाव में गठबंधन के बैनर तले 12 सीटों पर लड़ने वाले अद (एस) ने नौ सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल के विधान परिषद में चुनाव के बाद दोनों सदनों में उसकी संख्या 10 हो गई है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अद (एस) को दो सीटों पर सीधे चुनाव लड़ाया है, वहीं प्रतापगढ़ सीट पर अद (एस) विधायक को अपने चुनाव चिह्न से चुनाव मैदान में उतारा है। हालांकि इस दौरान अद (एस) और भाजपा के रिश्तों में भी तल्खी पैदा हुई लेकिन इसको सुलझा लिया गया।