दरअसल, 7 नवंबर से से छात्र संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। छात्र बुधवार को यानी कि 14वें दिन भी धरने पर रहे। लिहाजा संकाय का ताला नहीं खुल सका और शिक्षक बाहर मैदान में बैठे रहे।
छात्रों ने मांगें पूरी न होने तक विरोध जारी रखने का निर्णय लिया है। इन सबके बीच बीएचयू इतिहास विभाग के प्रोफेसर एमपी अहिरवार ने अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है कि बीएचयू को बनाने और आर्थिक सहयोग करने वालों में मुस्लिम भी पीछे नहीं है। बावजूद इसके एक शिक्षक को अध्यापन से वंचित किया जा रहा है।