शाकाहार- सदाचार, मद्यनिषेध यात्रा के दौरान भगदड़ में 25 श्रद्धालुओं की मौत का मामला जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज बाबा के लिए सिरदर्द बन गया है। इस हादसे में उनको भले क्लीन चिट मिल गई, लेकिन उनके पिता चरण सिंह कार्रवाई की जद में आ गए हैं। इस मामले में जिन पांच लोगों के विरुद्ध रामनगर थाने में नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें स्वागत कमेटी के सदस्य के तौर पर पंकज बाबा के पिता का भी नाम शामिल है। सपा में वर्चस्व को लेकर चल रही उठापटक के बीच इनकी गिरफ्तारी के भी कयास लगाए जाने लगे हैं। ऐसा हुआ तो पंकज बाबा की मुसीबतें बढ़ जाएंगी।
कटेसर-डोमरी गांव में मथुरा की जयगुरुदेव आध्यात्मिक संस्था की ओर से आयोजित दो दिवसीय महामानव संगम के पहले दिन निकाली गई शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध जन जागरण यात्रा में भगदड़ के बाद इन पर केस दर्ज हुआ है। रामनगर थाने में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस की ओर से पंकज बाबा के पिता चरण सिंह पर यात्रा के संबंध में मिथ्या सूचना देने, प्रशासन को धोखा देने के अलावा हत्या की कोटि में न आने वाले मानव वध के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पंकज बाबा के पिता के विरुद्ध पुलिस ने बहुत शांत अंदाज में तब प्राथमिकी दर्ज की है, जब सपा के एक कद्दावर नेता और काबीना मंत्री का उनको वरदहस्त प्राप्त है। हादसे वाले दिन से ही सरकार के शीर्ष अधिकारियों की बनारस में मौजूदगी के बावजूद केस दर्ज करने में दो दिन से अधिक लग गए। माना जा रहा है कि प्रशासन ने इस दौरान सत्संग के आयोजनकर्ताओं के बारे में पूरी छानबीन के बाद ही मुकदमा दर्ज किया होगा। इस कार्रवाई को भी सरकार और सपा संगठन में प्रभुत्व को लेकर चल रही उठापटक के रूप में देखा जा रहा है। जयगुरुदेव के भरोसेमंद रहे चरण सिंह यादव इटावा जिले की भरथना तहसील स्थित खितौरा गांव के निवासी हैं।
चरण सिंह यादव बाबा जयगुरुदेव के खास विश्वासपात्रों में से एक रहे हैं। चरण सिंह इटावा जिले के जिस खितौरा गांव के निवासी हैं, वह बाबा जयगुरुदेव की भी जन्मस्थली है। वहां बाबा जयगुरुदेव का बड़ा मंदिर बना हुआ है। मथुरा में जो मंदिर बना है वह बाबा जय गुरुदेव के गुरु घूरेलाल जी का मंदिर है। चरण सिंह यादव पेशे से वकील हैं और बाबा की संपत्तियों के विवादों तथा उनकी देखरेख का काम यही संभालते थे। बाबा की ज्यादातर संपत्तियों के कागजात भी चरण सिंह यादव के पास ही रहते थे।