प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव नागेपुर में गुरुवार को पहुंचीं केंद्रीय बाल विकास राज्य मंत्री कृष्णा राज के समक्ष महिलाएं मुखर हो गईं। उनकी शिकायत थी कि पिछले चार महीने से बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा। महिलाओं की नाराजगी को शांत कराते हुए केंद्रीय मंत्री ने डीपीओ से जवाब तलब किया।
आदर्श ग्राम नागेपुर में दोपहर केंद्रीय मंत्री पहुंची और नंदघर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लिया। यहां उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों की उपस्थिति और उनको मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान वहां मौजूद राजमनिया देवी, तारा देवी और लक्ष्मीना समेत कई महिलाओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री को बताया कि चार महीने से गांव में बच्चों के लिए पोषाहार का वितरण नहीं हो रहा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने मौके पर मौजूद जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम मेहता से जवाब तलब किया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने किया कि कुछ महीने पहले घटिया किस्म के पोषाहार की आपूर्ति की गई थी, जिस पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा दी थी। जल्द ही पोषाहार की दूसरी खेप आने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को मुहैया कराया जाएगा। इसके बाद मंत्री लौट गईं। इस दौरान ब्लॉक प्रभारी सरोज रानी, ग्राम प्रधान पारस नाथ राजभर और श्याम सुंदर मास्टर आदि थे।
केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज ने कहा कि सपा में अंदरूनी कलह है। प्रदेश की अखिलेश सरकार से परिवार नहीं संभल रहा है सरकार कैसे संभालेंगे। प्रदेश सरकार हौसला पोषण मिशन के तहत गर्भवतियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाने के लिए बुला रही है। जिस परिस्थिति में उन्हें आराम की जरूरत है, ऐसी स्थिति में केंद्र पर बुलाना गलत है।
गुरुवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि दूसरे राज्यों में आंगनबाड़ी केंद्रों से राज्य सरकारें काम कराती हैं तो उन्हें अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है। उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार काम कराने के एवज में आंगनबाड़ियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह देती है लेकिन राज्य सरकारें एक रुपया भी नहीं देती। प्रदेश सरकार को चाहिए कि उन्हें अतिरिक्त मानदेय दे।
कहा कि शुक्रवार को वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी समस्याएं जानेंगी। एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री शीर्ष नेता तय करेंगे। राजघाट पुल पर भगदड़ में मौत मामले में जिम्मेदार के सवाल पर कहा कि यह जांच का विषय है।