केंद्र सरकार में मंत्री पद संभालने वाले वाराणसी के पहले सांसद थे पंडित कमलापति त्रिपाठी। उन्होंने केंद्र सरकार में जहाजरानी, परिवहन एवं रेल मंत्रालय का जिम्मा संभाला। वे 1973 से 1977 तक रेल मंत्री रहे। पंडित कमलापति स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ ही भारत की संविधान सभा के सदस्य भी रहे।
चार अप्रैल 1971 से 12 जून 1973 तक वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष ही कमान संभालने वाले पंडितजी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे। राष्ट्रीय आंदोलनों में भाग लेकर अनेक बार जेल की यात्रा करने वाले कमलापति त्रिपाठी ने वर्ष 1921 के असहयोग आंदोलन में भी हिस्सा लिया था।
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1937 में वे पहली दफा यूपी विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। पुन: 1946, 1952, 1957, 1962, 1967 एवं 1969 में वे यूपी विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए।