पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की प्राचीन धर्मशाला के बैेनामा कराने की जानकारी पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। तहसील प्रशासन की निगरानी में होने के बाद भी बैनामा हो जाना बड़ी प्रशासनिक चूक है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए है। तहसील की टीम इसकी जांच करेगी।
काशी की महत्वपूर्ण यात्रा पंचक्त्रसेशी परिक्त्रस्मा मार्ग पर सीएम ने 2018 में यात्रा के दौरान अवैध कब्जों को हटाने का निर्देश दिया था। शहर और ग्रामीण इलाकों में पड़ऩे वाली धर्मशालाओं की हालत पंचक्त्रसेशी परिक्त्रस्मा के बाद बद से बदतर हो जाती है। वर्तमान अधिमास की यात्रा के दौरान तो तीर्थयात्री अव्यवस्थाओं के बीच ही अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर रहे हैं। प्रशासन ने इस बार पांचों पड़ाव पर कोई खास इंतजाम नहीं किए हैं।
बता दें कि शनिवार को रामेश्वर की एक धर्मशाला के बैनामा कराने का मामला प्रकाश में आया था। बैनामे की खबर मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में अफरातफरी है और तहसील से पुराने दस्तावेज व कागजात खंगाले जा रहे हैं। रजिस्ट्री के बाद धर्मशाला को तोडऩे का काम भी शुरू हो गया था। हालांकि प्रशासन ने इसे रुकवा दिया है। प्रशासन बैनामा करने और करवाने वालों की खोजबीन कर रहा है।