पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने पहले भरोसा दिलाकर पैसे लिए और बाद में असमर्थता जताने लगे। न तो रकम वापस की गई और न ही मकान की रजिस्ट्री कराई गई। इतनी बड़ी रकम फंस जाने के कारण पीड़ित की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। उनका और उनके बेटे का ग्रोसरी प्रतिष्ठान ‘काशी बाजार’ भी बंद हो चुका है, जबकि बैंक ऋण चुकाने में भी उन्हें गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सीताराम चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने कई बार आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी गई। यहां तक कि शूटरों से गोली मरवाने की धमकी भी दी गई। पीड़ित के अनुसार 3 जनवरी 2026 को जब वह पैसे के संबंध में आरोपियों के घर पहुंचे, तो उनके साथ मारपीट भी की गई।
इस संबंध में एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।