त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान दावेदार भी अपने लोगों का नाम जुड़वाने की जुगत में जुट गए हैं। दावेदार अपने परिचित लोगों का नाम जुड़वाने, कटवाने, संशोधन करवाने, और शिफ्ट कराने के काम में जुट गए हैं। इसके लिए सुबह से शाम तक अपने अपने गांव में लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
पंचायत चुनाव को देखते हुए कई दावेदार अपने अपने तरीके से ताल ठोकने में लगे हैं। अपने अपने तरीके से दावेदार समीकरण बैठाने में लगे हैं। सोशल मीडिया के जरिए दावेदार सक्रिय हैं। आरोप प्रत्यारोप के बीच दावेदारी करने वालों ने प्रचार शुरू कर दिया है। चुनावी चर्चा शुरू है। गांवों में परिसीमन को लेकर चर्चा चल रही है। सीट जनरल ,ओबीसी या एससी कौन सा होगा। इसे लेकर भी लोग अपने अपने तरीके से समीकरण बना रहे हैं।
अधिसूचना के बाद नगर निगम की सीमा में 61 ग्राम पंचायतों (आंशिक पंचायत समेत 79 राजस्व गांव) के शामिल होने के कारण त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तस्वीर बदल जाएगी। हरहुआ, चिरईगांव व काशी विद्यापीठ ब्लाक के इन गांवों में इस बार बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या घट जाएगी। नए परिसीमन से चुनाव हुआ तो 61 गांवों में होगा पार्षद का चुनाव नए परिसीमन से चुनाव होगा तो इन गांव में प्रधानी का चुनाव नहीं होगा। यहां पर पार्षद का चुनाव होगा।