हादसे में जान गवांने वाले लोग
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घर वापसी के दौरान बृहस्पतिवार की भोर बिहड़ा में उनकी कार हाईवे पर किनारे खड़े डंपर के पीछे जा घुसी। हादसे में शिवांश को छोड़ कर अन्य सभी की मौत हो गई। दीपक, दीपमाला और फुलकेश्वरी देवी के शव की अंत्येष्टि बृहस्पतिवार की देर रात मणिकर्णिका घाट पर की गई। जबकि, अमृता का शव लेकर परिजन बिहार के आरा स्थित घर चले गए।
शिवांश की देखरेख कर रहे उसके दूर के रिश्तेदार और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नागेंद्र सिंह ने बताया कि वह बृहस्पतिवार की सुबह से ही बच्चे के साथ हैं। कुछ अन्य रिश्तेदार भी देखरेख के लिए हैं। हादसे से बच्चा सहमा हुआ है और बहुत कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं है। उसकी हालत खतरे से बाहर है, लेकिन दवा का असर कम होता है और नींद खुलती है तो वह अपने मम्मी-पापा के बारे में पूछने लगता है। समझ में नहीं आता कि मासूम को कैसे बताएं कि अब उसके मां-बाप इस दुनिया में नहीं रहे।