ये विभूतियां सम्मानित
प्रो. एनराजम : पद्मविभूषण पाने वाली प्रो. एन. राजम ने बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में 38 वर्षों तक सेवा दी। मूल रूप से केरल निवासी प्रो. एन. राजम ने1959 में बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में प्रवक्ता के रूप में सेवा शुरू की थी। इसके 42 साल पहले वर्ष 1984 में उनको पद्मश्री सम्मान मिला था।
प्रो. मंगला कपूर : बीएचयू के संगीत विभाग में 1989 में शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की। 12 साल की उम्र में पारिवारिक दुश्मनी की वजह से उनपर एसिड अटैक हुआ था। छह साल पर अस्पताल में रहीं। उनके 36 ऑपरेशन हुए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी आत्मकथा सीरत उनकी उपलिब्धयों का सजीव दस्तावेज है। इस पर फिल्म भी बनाई गई।
प्रो. श्यामसुंदर अग्रवाल : आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन विभाग के डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर श्यामसुंदर अग्रवाल मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी है। बीएचयू से 1972 में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की।कालाजार जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में काम करने के लिए पद्मश्री सम्मान मिला है।