वाराणसी में गुरुवार को बीएचयू सुपर स्पेस्लिस्ट सेंटर में परेशान दिखे मरीज ।
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केस-1: अर्दली बाजार स्थित सहयोग हास्पिटल में काशी विद्यापीठ के शिक्षक के 68 वर्षीय पिताजी आईसीयू में भर्ती हैं। डॉक्टर अनिल कुमार के मुताबिक यहां उनका इलाज 4-5 दिनों से चल रहा था। बृहस्पतिवार को अस्पताल प्रबंधन ने पर्याप्त ऑक्सीजन न होने का हवाला देते हुए मरीज को दूसरे जगह ले जाने को कहा। अपने स्तर से भी हमने भी ऑक्सीजन का बहुत प्रयास किया लेकिन मिल नहीं सकी। अब पिताजी के सेहत की चिंता सता रही है।
केस दो: कोरोना संक्रमित 49 वर्षीय महिला का इलाज बीएलडब्ल्यू में चल रहा है। घर की सदस्य ने बताया कि दो-तीन दिन से इलाज हो रहा था लेकिन बृहस्पतिवार को अस्पताल से ऑक्सीजन की कमी बताकर दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। बताया कि गंभीर अवस्था में कही भी ऑक्सीजन वाला बेड नहीं मिल पा रहा है।
छह हजार की जरूरत, मिल रहे चार हजार सिलिंडर
अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए इस समय 6000 सिलिंडर की जरूरत है लेकिन जरूरत के हिसाब से अस्पतालों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। सहायक औषधि आयुक्त केजी गुप्ता ने बताया कि किसी तरह छह हजार की जरूरत में बमुश्किल 4000 ही मिल पा रहे हैं।
वाराणसी में रामनगर फेस 1में मेड-टेक ऑक्सीजन इंडस्ट्री के बाहर ऑक्सीजनलेने पहुंचे लोग।
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रामनगर गैस प्लांट पर ऑक्सीजन न होने की नोटिस चस्पा
बृहस्पतिवार को रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया में ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली एंजेसी के गेट पर ऑक्सीजन न होने की नोटिस चस्पा कर दी गई। इस वजह से बहुत से एंबुलेंस जो आक्सीजन लेने गए थे, वही खड़े रहे। नोटिस में ऑक्सीजन आने पर दुबारा सेवा करने की बात लिखी है। बावजूद इसके अस्पतालों की एंबुलेंस, निजी वाहन से गए लोग ऑक्सीजन की प्रत्याशा में खड़े रहे।