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मुश्किल में जान : वाराणसी में ऑक्सीजन का संकट और गहराया, अस्पतालों से बाहर निकाले जा रहे भर्ती मरीज

Thu, 22 Apr 2021 08:17 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कोविड, नॉन कोविड अस्पतालों में आपूर्ति बाधित, मरीजों को राहत नहीं
अस्पतालों ने खड़े कर दिए हाथ, मरीजों संग परिजन ऑक्सीजन के लिए कर रहे भागदौड़
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वाराणसी में बृहस्पतिवार को मण्डलीय चिकित्सालय कबीरचौरा में उतारी जा रही आक्सीजन की टंकियां । - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के अस्पतालों में बृहस्पतिवार को ऑक्सीजन का संकट बढ़ गया। हालत यह है कि कोविड ही नहीं नॉन कोविड अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रहीं है। अब मरीजों के इलाज में भी परेशानी आ रही है। बृहस्पतिवार को कई अस्पतालों ने अपने यहां भर्ती मरीजों को भी बाहर निकालना शुरू कर दिया। इसके बाद से हड़कंप मचा है।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 40 से अधिक कोविड हास्पिटल बनाए गए हैं। इसके अलावा नॉन कोविड अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज चल रहा है। नए मरीजों की कौन कहे हास्पिटल में भर्ती मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि पहले से भर्ती बहुत से ऐसे मरीज हैं, जिनका आईसीयू में इलाज किया जा रहा था। बृहस्पतिवार को अर्दली बाजार, गिलट बाजार, बीएलडब्ल्यू सहित अन्य  अस्पतालों में बृहस्पतिवार को ऑक्सीजन खत्म होने का हवाला देते हुए मरीजों के परिजनों को दूसरे अस्पतालों में जाने को कहा गया। इसके अलावा लक्सा के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम से भी तीन दिन पहले ऑक्सीजन की कमी की वजह से मरीजों की संख्या 24 से घटाकर 16 कर दी गई।

वाराणसी में गुरुवार को बीएचयू सुपर स्पेस्लिस्ट सेंटर में परेशान दिखे मरीज । - फोटो : अमर उजाला
केस-1: अर्दली बाजार स्थित सहयोग हास्पिटल में काशी विद्यापीठ के शिक्षक के 68 वर्षीय पिताजी आईसीयू में भर्ती हैं। डॉक्टर अनिल कुमार के मुताबिक यहां उनका इलाज 4-5 दिनों से चल रहा था। बृहस्पतिवार को अस्पताल प्रबंधन ने पर्याप्त ऑक्सीजन न होने का हवाला देते हुए मरीज को दूसरे जगह ले जाने को कहा। अपने स्तर से भी हमने भी ऑक्सीजन का बहुत प्रयास किया लेकिन मिल नहीं सकी। अब पिताजी के सेहत की चिंता सता रही है।

केस दो: कोरोना संक्रमित 49 वर्षीय महिला का इलाज बीएलडब्ल्यू में चल रहा है। घर की सदस्य ने बताया कि दो-तीन दिन से इलाज हो रहा था लेकिन बृहस्पतिवार को अस्पताल से ऑक्सीजन की कमी बताकर दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। बताया कि गंभीर अवस्था में कही भी ऑक्सीजन वाला बेड नहीं मिल पा रहा है।

छह हजार की जरूरत, मिल रहे चार हजार सिलिंडर
अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए इस समय 6000 सिलिंडर की जरूरत है लेकिन जरूरत के हिसाब से अस्पतालों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। सहायक औषधि आयुक्त केजी गुप्ता ने बताया कि किसी तरह छह हजार की जरूरत में बमुश्किल 4000 ही मिल पा रहे हैं। 
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वाराणसी में रामनगर फेस 1में मेड-टेक ऑक्सीजन इंडस्ट्री के बाहर ऑक्सीजनलेने पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला
रामनगर गैस प्लांट पर ऑक्सीजन न होने की नोटिस चस्पा
बृहस्पतिवार को रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया में ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली एंजेसी के गेट पर ऑक्सीजन न होने की नोटिस चस्पा कर दी गई। इस वजह से बहुत से एंबुलेंस जो आक्सीजन लेने गए थे, वही खड़े रहे। नोटिस में ऑक्सीजन आने पर दुबारा सेवा करने की बात लिखी है। बावजूद इसके अस्पतालों की एंबुलेंस, निजी वाहन से गए लोग ऑक्सीजन की प्रत्याशा में खड़े रहे।
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