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वाराणसी: बड़ागांव थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश, कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का मामला

Fri, 28 Jan 2022 09:58 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने आदेश का अनुपालन नहीं करने पर बड़ागांव थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पुलिस कमिश्नर वाराणसी को बड़ागांव थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। 
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विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) की अदालत का आदेश - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) की अदालत ने पुलिस कमिश्नर वाराणसी को बड़ागांव थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई के लिए पत्रावली को उच्च न्यायालय प्रेषित करने का आदेश भी दिया है।

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प्रकरण के मुताबिक बड़ागांव थाने की पुलिस की रिपोर्ट पर वर्ष 2019 में जिलाधिकारी ने बड़ागांव निवासी शिवशंकर उर्फ बाबू सेठ की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत सीज किया था। इसके खिलाफ बाबू सेठ की पत्नी ने डीएम के यहां उक्त संपत्ति को अपना बताते हुए उसे अवमुक्त करने की गुहार लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।

अदालत ने डीएम का आदेश किया था निरस्त
इस आदेश को गैंगेस्टर कोर्ट में चुनौती दी गई। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सीज प्रॉपर्टी को डीएम का आदेश निरस्त करते हुए बाबू की पत्नी के पक्ष में अवमुक्त करने का 25 सितंबर 21 को आदेश दिया। बावजूद इसके बड़ागांव थाना प्रभारी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। कहा गया कि इस आदेश के खिलाफ चुनौती दी जाएगी।

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अपील की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी न तो उच्च न्यायालय में कोई प्रार्थना पत्र दिया गया और न ही संपत्ति को रिलीज किए जाने संबंधी कोई रोक लगाए जाने का आदेश ही अदालत में दाखिल किया गया। जिस पर वादिनी ने अपने अधिवक्ता अखिलेश उपाध्याय के जरिए अदालत में गुहार लगाई। जिसके बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश का अनुपालन नही किए जाने पर बड़ागांव थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश पुलिस कमिश्नर को दिया।

पिता पर जानलेवा हमले में दत्तक पुत्र को आठ वर्ष की कड़ी कैद

विशेष न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने दत्तक पुत्र द्वारा पिता पर धारदार हथियार से हमले मामले में अभियुक्त प्रमोद को दोषी पाते हुए 8 वर्ष की कड़ी कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी विनय सिंह के मुताबिक 15 अक्तूबर 2014 को मिर्जामुराद थाने के मिल्कीपुर गांव के सहदेव राम घर से मिल्कीपुर चट्टी पर दिन में साढ़े 11 बजे जा रहे थे, उसी दौरान दत्तक पुत्र प्रमोद धारदार हथियार से जान मारने की नीयत से गले पर वार कर दिया। गंभीर अवस्था में सहदेव राम को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लंबे इलाज के बाद सहदेव की मौत हो गई। 
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जानलेवा हमला के मामले में आरोपी की जमानत खारिज

 विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अनुरोध मिश्र की अदालत ने पुरानी रंजिश में मृत्युंजय सिंह के सिर में गंभीर चोट पहुंचाने व दो अन्य को घायल करने के आरोपी रविशंकर पटेल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह वारदात 20 मार्च 2015 को तब हुई थी जब रोहनिया थाना अंतर्गत कोहासी निवासी वादी जगदीश पुत्र मृत्युंजय व अनिल के साथ चने के खेत में कटाई कर रहे थे, तभी आरोपियों ने लाठी डंडे से हमला कर तीनों को घायल कर दिया। जमानत का विरोध वादी के अधिवक्ता योगेंद्र त्रिपाठी, संजय श्रीवास्तव व अभिषेक द्विवेदी ने किया। 
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