लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें लोकतंत्र की भावना के विपरीत काम कर रही हैं। विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का उपयोग राजनीतिक विरोध को नियंत्रित करने के लिए हो रहा है। कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी जैसे बैंक खाता, आधार कार्ड और पैन कार्ड जुटाने पर चिंता जताई गई।
सरकार की नीतियों पर सवाल
नेताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी के लिए स्पष्ट कानूनी आधार और प्रक्रिया होनी चाहिए। मौखिक आदेशों पर जानकारी एकत्र करना निजता के अधिकार पर सवाल खड़े करता है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि जनता के मुद्दों पर शांतिपूर्ण और सांविधानिक संघर्ष जारी रहेगा।