फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी में विपक्षी दलों का प्रदर्शन: निगरानी और लोकतांत्रिक हनन का विरोध, पैदल मार्च कर की नारेबाजी

Thu, 27 Aug 2026 04:04 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में गुरुवार को विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। पैदल मार्च कर निगरानी और लोकतांत्रिक हनन का विरोध करते हुए नारेबाजी की। 
विज्ञापन
वाराणसी में विपक्षी दलों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी में गुरुवार को विभिन्न विपक्षी दलों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजनीतिक कार्यकर्ताओं की कथित निगरानी और लोकतांत्रिक आवाजों के दमन के विरोध में किया गया। कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, भाकपा (माले), राष्ट्रीय जनता दल और फॉरवर्ड ब्लॉक सहित कई दल इसमें शामिल थे।

विज्ञापन


सभी दल वाराणसी कचहरी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास एकत्रित हुए। उन्होंने वहां से कचहरी तक नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकाला। विपक्षी दलों ने भाजपा सरकारों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को अपराध नहीं माना जा सकता। 

सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि विरोध की आवाज दबानी चाहिए। पैदल मार्च के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने एसीएम को पत्रक सौंपा। पत्रक में कार्यकर्ताओं की कथित निगरानी तुरंत बंद करने की मांग की गई। उन्होंने इस संबंध में पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें लोकतंत्र की भावना के विपरीत काम कर रही हैं। विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का उपयोग राजनीतिक विरोध को नियंत्रित करने के लिए हो रहा है। कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी जैसे बैंक खाता, आधार कार्ड और पैन कार्ड जुटाने पर चिंता जताई गई।

सरकार की नीतियों पर सवाल
नेताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी के लिए स्पष्ट कानूनी आधार और प्रक्रिया होनी चाहिए। मौखिक आदेशों पर जानकारी एकत्र करना निजता के अधिकार पर सवाल खड़े करता है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि जनता के मुद्दों पर शांतिपूर्ण और सांविधानिक संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें