वाराणसी। गोरक्ष पीठाधीश्वर और भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की शाम कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार का विरोध करने वालों को परंपरा की समझ नहीं है। सूर्य ब्रह्मांड की ऊर्जा का स्रोत है। उस ऊर्जा का विरोध करने वाले भारत में रहने के काबिल नहीं।
पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए दुनिया के 163 देश आगे आए हैं। इसमें 43 मुसलिम राष्ट्र हैं। ऐसे में विरोध के स्वर फूटने से देश की प्रतिष्ठा पर आंच आएगी। तीन दिनी रजत सिंहासन महोत्सव के आखिरी दिन अन्नपूर्णा दरबार में हाजिरी लगाने के बाद उन्होंने ये बातें समापन समारोह के दौरान कहीं।
योगी शाम 6:15 बजे अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। यहां बटुकों ने मंत्रोच्चार के साथ पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। अगवानी महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, उप महंत शंकर पुरी ने की। इसके बाद योगी ने महंत रामेश्वर पुरी के साथ मां अन्नपूर्णा का षोडशोपचार पूजन किया। फिर चंडी यज्ञ में आरती की।
दक्षिण भारत से आए भक्त सिंगाराजू सुब्बा राजू ने उन्हें चांदी की प्रतिमा भेंट की। रजत सिंहासन महोत्सव में विधायक श्याम देव राय चौधरी, सीमांध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम की पत्नी कृष्णामूर्ति के अलावा कई नेताओं, अफसरों ने हिस्सा लिया। अनुष्ठान आचार्य रामनारायण द्विवेदी ने कराया।
धन्यवाद ज्ञापन किया प्रबंधक काशी मिश्रा ने। वहीं, सूबे लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल ने सोमवार की शाम अन्नपूर्णा मंदिर के रजत सिंहासन महोत्सव में हिस्सा लिया। उन्होंने मां के दरबार में सविधि पूजा की। इसके बाद उन्होंने बाबा विश्वनाथ के भी दरबार में हाजिरी लगाई।