वाराणसी। बीएचयू आईआईटी अब रेलवे के लिए अलग से रिसर्च करेगा। मोदी की प्रेरणा के बाद रेल बजट में की गई घोषणा को रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु की मौजूदगी में मूर्त रूप मिल गया। आईआईटी बीएचयू और रेलवे के बीच इस आशय का सोमवार को करार हुआ। रेलमंत्री ने डीरेका में 1500वें डीजल इंजन गौरव का लोकार्पण किया और मड़ुवडीह स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार का शिलान्यास भी किया।
बीएचयू आईआईटी में मालवीय चेयर ऑफ रेलवे रिसर्च के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि रेल मंत्रालय देश के तीन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में रिसर्च सेंटर खोलेगा। आईआईटी कानपुर, चेन्नई और रुड़की में रेलवे रिसर्च सेंटर खोले जाएंगे जहां रेलवे को और बेहतर बनाने के लिहाज से शोध होंगे। रेल मंत्री ने ये घोषणा सोमवार को बीएचयू में की। उन्होंने कहा कि यहां रेलवे स्टेशनों का विकास पीपीपी मॉडल पर किए जाने की बात भी दोहराई।