ऑपरेशन करने वाली टीम में डाक्टर रजत, डाक्टर सिल्की, डाक्टर अक्षत, डॉक्टर रामराज शामिल है। बताया कि तीन ऑपरेशन हो चुके हैं, बाकी जिन तीन मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट का इंतजार है, वह इमरजेंसी में भर्ती हैं। इसमें एक मरीज तो घर चला गया है, जब रिपोर्ट आएगी, तब आएगा। बाकी दो की रिपोर्ट का इंतजार है।
ब्लैक फंगस से पीड़ित जिस महिला का ऑपरेशन बुधवार को किया गया, उसको रिकवर होने में लंबा समय लग सकता है। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक फिलहाल वह कोविड वार्ड में है, उसकी सेहत की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अब उसे एंटीफंगल दवाइयां भी दी जाएंगी।
डॉ. सुशील कुमार अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के ऐसे मरीज जो पहले से बीपी शुगर से ग्रसित होते हैं, उनमें ब्लैक फंगस की आशंका अधिक रहती है। कोरोना को मात देने के बाद अगर धुंधला दिखे, शुगर तेजी से बढ़ने लगे, चेहरे पर जगह-जगह फफूंद जैसे धब्बे दिखने लगे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जितनी तेजी से ब्लैक फंगस का संक्रमण फैल रहा है उसको लेकर सजग रहने की जरूरत है।