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ऑपरेशन म्यूल स्ट्राइक: साइबर ठगी से जुड़े छह खाताधारकों पर एफआईआर, 2.42 करोड़ के लेन-देन की जांच

Sat, 20 Jun 2026 02:58 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: साइबर क्राइम सेल और विभिन्न थानों की साइबर सेल की संयुक्त टीम ने छह खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की है। सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन म्यूल स्ट्राइक' के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। साइबर क्राइम सेल और विभिन्न थानों की साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल खातों के खिलाफ अभियान चलाते हुए छह खाताधारकों के विरुद्ध चार मामले दर्ज किए। साइबर क्राइम विदुष सक्सेना की टीम ने जांच की।

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पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पांच म्यूल खातों को चिन्हित किया गया। इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर कुल 51 शिकायतें दर्ज मिली हैं। जांच में इन खातों के माध्यम से करीब 2.42 करोड़ रुपये के संदिग्ध साइबर फ्रॉड लेन-देन का पता चला है। इसके अलावा खाताधारकों से जुड़े 32 अन्य बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

क्या है म्यूल अकाउंट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित करने, छिपाने या निकालने के लिए करते हैं। कई बार खाताधारक कमीशन, नौकरी के झांसे या अन्य लालच में आकर अपना बैंक खाता अपराधियों को उपलब्ध करा देते हैं।

इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
कार्रवाई के दौरान जिन खाताधारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें भेलूपुर थाना क्षेत्र के इम्तियाज नगर निवासी उनैश, रोहनिया थाना क्षेत्र के धमहापुर निवासी अजीत कुमार पटेल, जैतपुरा थाना क्षेत्र के नक्कीघाट निवासी आरिफ जमाल तथा चोलापुर थाना क्षेत्र के दशवतपुर निवासी श्रीशीष कुमार गौड़, सत्यम यादव और शुभम सिंह शामिल हैं।
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पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना न केवल अपराधियों की मदद करना है, बल्कि संबंधित खाताधारक को भी कानूनी कार्रवाई और जांच के दायरे में ला सकता है।
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