वाराणसी। काशी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रथम चरण के 20 शहरों की सूची में शामिल कराने की कवायद भेले तेज हो गई हो लेकिन काशी स्मार्ट बने इसमें शहर के पार्षद ही रुचि नहीं दिखा रहे हैं। स्मार्ट सिटी योजना को लेकर मिनी सदन की उदसीनता का आलम यह है कि शुक्रवार को नगर निगम में हुई बैठक में 100 में से महज आठ पार्षद ही शामिल हुए।
गौर करने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार की इस योजना पर चर्चा के लिए भाजपा के भी सभासद भी नहीं पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी के स्मार्ट सिटी मिशन को और उनके संसदीय क्षेत्र बनारस को सभासदों ने झटका दिया है। बता दें स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत देशभर के 98 शहरों का चयन किया गया है। अब योजना के पहले चरण में 20 शहरों में काम शुरू होना है। इसके लिए एनके बिल्डकॉन कंसल्टेंट
ने लोगों से सुझाव लेने का काम शुरू कर दिया है। इसके बाद ही इसके विकास का खाका तैयार किया जाना है। गुरुवार को निगम के अधिकारियों एवं मीडिया से इस मुद्दे पर चर्चा के बाद शुक्रवार को सभासदों के साथ इस पर मंथन हुआ लेकिन इसमें गिनती के सिर्फ आठ पार्षद ही आए। उनका कहना था कि बैठक की सूचना ही उन्हें नहीं दी गई। बैठक में शामिल होने वालों में वरुण सिंह, शिव सेठ, अरशद लड्डू, डॉ. अख्तर अली, शिवकुमार सोनकर, अशोक सेठ, असलम और रमजान अली थे। अपर नगर आयुक्त का कहना था कि 10 सभासद आए थे।