वाराणसी। आज जितनी जरूरत आधुनिक शिक्षा है, उतने ही जरूरी हमारे मूल्य हैं। विडंबना है कि आज हमारे पास बड़े-बड़े घर तो हैं लेकिन उसमें अपने माता-पिता के लिए ही जगह नहीं है।
इसलिए युवा पीढ़ी शिक्षा के साथ मूल्यों जीवन में अपनाएं, तभी सुखद समाज की कल्पना साकार हो सकेगी। ये बातें सोमवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन की अध्यक्ष प्रो. वी मुरली कुमार ने कहीं।
मुख्य अतिथि ने कहा कि महामना ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना सिर्फ इंजीनियर और डॉक्टर तैयार करने के लिए नहीं बल्कि समाज को संस्कार और मूल्य देने के लिहाज से की थी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और एलोपैथ में समन्वय बने तो भारत स्वस्थ देश की श्रेणी में आ सकता है।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सर सुंदरलाल अस्पताल में नवीन सुविधाओं के साथ सस्ते उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। विशिष्ट अतिथि जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रो. एसएस भसीन और आईएमएस के पूर्व निदेशक प्रो. एनएन खन्ना ने भी विचार रखे।
आईएमएस निदेशक प्रो. आरजी सिंह ने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधि की जानकारी दी। इस मौके पर संस्थान के सेवानिवृत्त शिक्षकों, कर्मचारियों, पूर्व निदेशकों और संकाय प्रमुख को सम्मानित किया गया। स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. आरके गोयल ने किया। संचालन डॉ. पीएस वैदगी व डॉ. अंजनी और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एसके गुप्ता ने किया।