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आरटीओ की सख्ती: रेडी टू मूव का सर्टिफिकेट होगा तभी गंगा में चल सकेगी नाव, बिना मानक वाली नावें होंगी बाहर

Tue, 02 Jun 2026 04:09 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

गंगा में चलने वाली नावों को पंजीकरण संख्या देने की जिम्मेदारी आईडब्ल्यूएआई और आरटीओ के पास है। आरटीओ नावों को पंजीकरण संख्या देगा और आईडब्ल्यूएआई से नाव चलाने वालों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन न करने वाली नावों को बाहर किया जाएगा। 
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ganga ghat varanasi - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा में कुछ दिनों बाद नावों का जाम और प्रदूषण लगभग समाप्त हो जाएगा। इसके लिए आरटीओ सख्ती करने जा रहा है। आरटीओ की ओर से सिर्फ उन्हीं नावों को चलने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें सर्वेयर द्वारा रेडी टू मूव का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। आरटीओ की ओर से नाविक पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जल्द ही गैर-मानक नावों की छंटनी कर गंगा में भीड़ कम की जाएगी।

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गंगा में चलने वाली नावों को पंजीकरण संख्या देने की जिम्मेदारी भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और आरटीओ के पास है। आरटीओ नावों को पंजीकरण संख्या देगा और आईडब्ल्यूएआई से नाव चलाने वालों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। यदि किसी नाव पर इनमें से कोई भी दस्तावेज नहीं पाया गया तो संबंधित नाविक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और नाव भी जब्त की जा सकती है।

दोनों विभागों की ओर से नाविक पोर्टल शुरू कर नाविकों को अपनी नावों का पंजीकरण कराने को कहा गया है। पोर्टल पर प्राथमिक पंजीकरण के बाद आरटीओ की ओर से नियुक्त सर्वेयर नाव का सर्वे करेगा। इस दौरान सभी मानकों के अनुरूप नाव की जांच की जाएगी। सर्वे में सफल होने पर सर्वेयर रेडी टू मूव का प्रमाणपत्र देगा। इसके बाद आरटीओ की ओर से नाव को पंजीकरण संख्या उपलब्ध कराई जाएगी। सर्वे में असफल होने पर नाव का आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और उसका संचालन नहीं किया जा सकेगा।

चार मुख्य मानकों पर होगा सर्वे
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार सर्वे में मुख्य रूप से चार मानकों की जांच की जाएगी। इसमें नाव किस सामग्री की बनी है, उसकी बैठने की क्षमता कितनी है, उसमें किस प्रकार का ईंधन इस्तेमाल किया जाता है तथा सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।
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सिर्फ 1217 नावों का है पंजीकरण, चल रहीं 3000 से अधिक
गंगा में वर्तमान में 3000 से अधिक छोटी-बड़ी नावों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से केवल 1217 नावों का ही पंजीकरण है, जो वर्ष 2023 तक नगर निगम की ओर से किया गया था। इसके बाद किसी भी नाव का पंजीकरण नहीं हुआ। वर्ष 2026 में अब यह प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है।

अधिकारी बोले
नाविक पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नाविकों को इसके बारे में जानकारी भी दी गई है। सर्वे में मानक पूरा करने वाली नावों को ही पंजीकरण संख्या दी जाएगी। -मनोज प्रसाद वर्मा, एआरटीओ प्रशासन

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