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काशी विश्वनाथ धाम: पूरे साल अलग द्वार से मंदिर तक पहुंचेंगे काशीवासी, फैसला लागू; सावन की ऑनलाइन बुकिंग बंद

Thu, 09 Jul 2026 04:00 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर में पूरे साल अलग द्वार से काशीवासी पहुंचेंगे। इस दौरान सरकार की ओर से जारी पहचान पत्र या मंदिर की पासबुक मान्य होगी। 29 जुलाई से 29 अगस्त तक सुगम दर्शन और मंगला आरती के ऑनलाइन टिकट नहीं मिलेंगे। 
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काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय लोगों के प्रवेश के लिए बनाया गया काशी द्वार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाबा विश्वनाथ धाम में सावन के बाद भी पूरे वर्ष काशीवासियों को अलग द्वार से दर्शन की सुविधा मिलेगी। हालांकि पर्वों और विशेष दिनों पर यह सुविधा नहीं दी जाएगी। सावन महीने में अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था के बीच धाम में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पिछले वर्ष सावन में 63 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया था। नई व्यवस्था बुधवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

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काशीवासियों के अलग द्वार से दर्शन के लिए सरकार की ओर से जारी ऐसा पहचान पत्र, जिसमें काशी का पता दर्ज हो, प्रवेश के लिए मान्य होगा। मंदिर प्रशासन की ओर से जारी वार्षिक दर्शनार्थी पासबुक भी मान्य रहेगी। सावन के दौरान सभी प्रकार के ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। यानी 29 जुलाई से 29 अगस्त तक सुगम दर्शन, मंगला आरती सहित अन्य ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध नहीं होगी। 

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मंदिर प्रशासन ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि इस अवधि में धाम में अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। भीड़ और प्रशासनिक स्थिति के अनुसार टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग समय-समय पर दोबारा शुरू की जाएगी। श्रद्धालुओं से पोर्टल पर उपलब्धता की जानकारी समय-समय पर देखते रहने की अपील की गई है।

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सावन से पहले ट्रायल शुरू
काशीवासियों को अलग लाइन से दर्शन कराने का ट्रायल बुधवार से, यानी सावन शुरू होने से पहले ही, किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जर्मन हैंगर के माध्यम से छाया की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। मंदिर की स्टैंडर्ड एसओपी भी साझा कर दी गई है। इस तरह की एसओपी कई धार्मिक संस्थाओं ने भी मांगी है।
अधिकारी बोले
सावन के विशेष पर्वों और दिनों पर काशीवासियों को अलग द्वार से प्रवेश की सुविधा नहीं दी जा सकती। बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी शिव स्वरूप हैं। सभी काशीवासी उनका सत्कार करते हैं। सावन के बाद विशेष पर्वों और त्योहारों को छोड़कर बाकी दिन दर्शन कराया जाएगा। -विश्वभूषण मिश्रा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, काशी विश्वनाथ मंदिर
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