वाराणसी। अल्पसंख्यकों की दस्तकारी को संरक्षित करने और उनकी स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से शुरू हो रही उस्ताद योजना के हुनरमंद अपने उत्पाद ऑनलाइन बेच सकेंगे। 14 मई को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से उस्ताद (अपग्रेडिंग द स्किल एंड ट्रेनिंग इन ट्रेडिशनल आर्ट/क्राफ्ट फार डेवलपमेंट) योजना की लांचिंग होगी। इस मौके पर केंद्र सरकार की मंत्री नजमा हेपतुल्ला और मुख्तार अब्बास नकवी मौजूद रहेंगे। शुक्रवार को सर्किट हाउस में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. अरविंद मायाराम ने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।
डॉ. अरविंद ने बताया कि इस योजना के तहत लकड़ी और मिट्टी के खिलौने व बर्तन आदि, दरी, आर्टिफिशियल आर्नामेंट, कढ़ाई-सिलाई आदि पारंपरिक कलाओं के उस्ताद 15 से 35 वर्ष तक के अल्पसंख्यकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके एवज में उन्हें मानदेय दिया जाएगा और प्रशिक्षुओं को भी भत्ता मिलेगा। बताया कि जिस प्रकार कंपनियां अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचती हैं, उसी प्रकार इस योजना के लाभार्थी भी अपने
उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री कर सकेंगे। इसके लिए ई-प्लेटफार्म का उद्घाटन भी इसी दिन होगा। योजना की लांचिंग सांस्कृतिक संकुल में होगी, जिसमें देश के 18 राज्यों के 800 बुनकरों और हस्तशिल्पियों को बुलाया गया है। इस दौरान उनकी कलाकारी का डिस्प्ले किया जाएगा। इसी दिन रमाडा होटल में ई-कामर्स, क्वालिटी पर सेमिनार होगा, जिसमें बुनकरों के अलावा बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी
हस्तशिल्पी शामिल होंगे। डॉ. अरविंद ने दोनों कार्यक्रम स्थलों का जायजा भी लिया। उनके साथ मंत्रालय के निदेशक अनुराग वाजपेयी, प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव जेपी पांडेय, सीडीओ विशाख जी समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।