यूपी 100 सेवा ने बनारस में एक साल पूरा कर लिया। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते एक साल के दौरान यूपी 100 के पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) पर तैनात पुलिसकर्मियों ने 25 लोगों को आत्महत्या करने से बचाया।
इसके साथ ही दुर्घटना में घायल हुए 2,109 लोगों को पुलिसकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान पीआरवी के रिस्पांस टाइम में भी सुधार आया है। पहले जहां सूचना मिलने पर 40 से 41 मिनट में पीआरवी शिकायतकर्ता के पास पहुंचती थी, वहीं अब रिस्पांस टाइम 17 से 18 मिनट रह गया है।
अब तक सौ नंबर पर एक लाख बीस हजार कॉल आई हैं। इनमें से 29,895 सूचनाएं फर्जी थीं। इस दौरान 3,635 सूचनाएं दुर्घटनाओं से संबंधित आईं। घरेलू हिंसा के 1,600 मामले पीआरवी के पास पहुंचे जबकि 2,139 शिकायतें महिला उत्पीड़न से संबंधित रहीं।
यूपी 100 के वाराणसी जिले के नोडल अधिकारी एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी आमजन से अभद्रता और वसूली न करें, इसकी मॉनीटरिंग की जाती है। मौजूदा समय में रोजाना औसतन 240 से 245 कॉल जिले भर से आती हैं।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि फिलहाल जिले में यूपी 100 की 51 पीआरवी विभिन्न इलाकों में हैं जबकि तीन रिजर्व में हैं। नए साल की शुरुआत में यूपी 100 के तहत 40 बाइक भी जिले को मिलेंगे। इस बाइक दस्ते का उपयोग शहर की घनी आबादी वाले संकरे क्षेत्र में किया जाएगा।