पंजाब के अमृतसर में बीते शुक्रवार को रावण पुतला दहन के दौरान हुए हादसे ने सैकड़ों परिवारों की खुशी छीन ली। त्योहार की खुशी मातम में बदल गई। हादसा कैसे हुआ अब ये बात पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है, लेकिन हादसा किसकी वजह से हुआ ये अभी भी सवाल ही है। इसी बीच हादसे में लिया के पिपरौली बड़ागांव निवासी ठाकुर प्रसाद भी मौत के मुंह में चला गया।
ठाकुर पुतला दहन देख रहा था कि ट्रेन हादसे का शिकार हो गया। हादसे की खबर सुन परिजन अमृतसर रवाना हो गए। पिपरौली बड़ागांव निवासी ठाकुर प्रसाद (40) पुत्र जलेसर दो दशक पूर्व पंजाब में नौकरी करने के लिए चला गया। पांच वर्ष तक दिहाड़ी मजदूरी करने के बाद वह करीब 15 वर्ष पूर्व अमृतसर में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा।
अमृतसर में दशहरा मेले में रावण पुतला देखने ठाकुर रेल ट्रैक के निकट पहुंचा। इस दौरान भीषण ट्रेन हादसे का शिकार हो गया। ठाकुर के छोटे भाई लक्ष्मण ने बताया कि ठाकुर अमृतसर में पत्नी और तीन पुत्रों के साथ रहता था। दो माह पूर्व ठाकुर गांव आया हुआ था और एक पखवारे तक गांव में रुकने के बाद पुन: अमृतसर चला गया।
मौत की खबर सुन पिता और बड़े भाई बैजनाथ अमृतसर के लिए रवाना हो गए। घटना से गांव में मातम पसर गया। इस हादसे में पूर्वांचल के कुल पांच लोगों की मौत हुई है।
आजमगढ़ और गाजीपुर के चार लोगों की मौत
पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार की शाम हुए हादसे में 61 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में यूपी के पूर्वांचल के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में आजमगढ़ के दो और गाजीपुर के दो लोग शामिल हैं। इनकी मौत की सूचना शिनाख्त होने पर देर रात को रिश्तेदारों के जरिए दी गई।
जब मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना मिली तो कोहराम मच गया। इनके घर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा था। इससे परिवार सहित गांव के लोगों में आक्रोश है।
आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र के सवरुपुर खुटौली गांव निवासी बृजभान राम (20) और तहबरपुर थाने के रैसिंगपुर गांव निवासी राममिलन निषाद (24) दोनों रिश्तेदार के यहां रहकर नौकरी करते थे।
तहबरपुर थाने के रैसिंगपुर गांव निवासी राममिलन निषाद (24) पुत्र फेंकू तीन भाईयों में दूसरे नंबर पर था। वह दो वर्ष के बेटे का पिता था। उसकी पत्नी कविता गर्भवती है। राममिलन की मौसी अपने परिवार के साथ अमृतसर में रहती है। वहीं पर रहकर राममिलन पेंटिंग का काम करता था। दीपावली से पहले लोग घरों की पेंटिंग कराते हैं। इसलिए अच्छी आमदनी के लिए राममिलन सात अक्तूबर को घर से अमृतसर के लिए निकला हुआ था।
भतीजा-भतीजी के साथ मेला देखने गया था प्रदीप
गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के बगेन गांव के प्रदीप सिंह कुशवाहा (22) तथा उसके भतीजे सार्थक (4) की ट्रेन हादसे में मौत हो गई। इस घटना में भतीजी काजल (7) गंभीर रुप से घायल है, उसका इलाज वहीं अस्पताल में चल रहा है। इस घटना ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है।
प्रदीप की शादी की बात चल रही थी तथा इसी माह लड़की देखने तथा सगाई की रस्म भी होनी थी। इस हादसे के बाद पूरे घर में कोहराम मचा हुआ है। उसके पिता शिवकुमार तथा माता दुलरिया देवी के आंसू रुक नहीं रहे हैं।
बगेन गांव के शिवकुमार कुशवाहा के दो पुत्रों में प्रदीप छोटा था। वह काफी हंसमुख और मिलनसार स्वभाव का था। उसका बड़ा भाई रामविलास अमृतसर के पास सब्जी का व्यवसाय करता है। वह भी उनका हाथ बंटाता था।