संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सौर ऊर्जा से परिसर को रोशन करने की तैयारी तेज हो गई है। पाणिनी भवन सभागार, परीक्षा विस्तार भवन, बहु संकाय भवन, पुरातत्व संग्रहालय, अंतररष्ट्रीय छात्रावास, केंद्रीय कार्यालय की छतों पर सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इससे हर साल करीब 40 लाख रुपये की बिजली की बचत होगी।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) की ओर से सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की चार साल पहले ही स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) परिसर में 357 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट लगा रहा है। इसकी लागत करीब एक करोड़ 49 लाख 70 हजार रुपये है। रखरखाव के लिए यूपी नेडा ने तमिलनाडु की कंपनी से समझौता किया है। संबंधित कंपनी 25 साल तक सौर ऊर्जा प्लांट का रखरखाव करेगी। ये प्लांट 90 और 30 किलोवाट क्षमता के होंगे। इसके अलावा जर्जर हो चुकी चहारदीवारी को भी नए सिरे से बनवाने का निर्णय लिया गया है। शासन ने पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किया है। दो करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो गई है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।