शहर से लेकर देहात तक मरम्मत के नाम पर शेड्यूल से अधिक कटौती हो रही है। उमस भरी गर्मी से जनता पहले ही परेशान है। वहीं, कटौती से लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। अधिकारियों को जब जनता फोन करती है तो उन्हें गोलमोल जवाब दिया जाता है। तमाम प्रयास के बाद भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है। शहर से लेकर देहात तक जनता पसीने से तरबतर हो रही है। सारनाथ इलाके में अघोषित बिजली कटौती से लोग पसीना पोंछते दिखे।
एसडीओ ने बताया कि छाहीं फीडर से सुबह 9 से 10 बजे तक कटौती है। इसके बाद 4 से 5 बजे तक कटौती की गई। सथवा, भैसौड़ी, छाहीं, हृदयपुर, कल्याणपुर आदि इलाके में यह कटौती के सरकारी आंकड़े हैं। हकीकत में चार से पांच घंटे की कटौती जनता ने झेली। शक्तिपीठ उपकेंद्र, लेढ़ूपुर उपकेंद्र से तीन से चार बार कटौती की गई। कमोबेश शहर के अन्य इलाकों का भी यही हाल है। दौलतपुर उपकेंद्र से दिन भर ट्रिपिंग हुई। यहां ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने से जनता घंटों बिजली के लिए इंतजार करती रही। बाद में मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाया आपूर्ति बहाल की गई। विश्वनाथ पुरी कालोनी, सुंदरपुर आदि इलाकों में कटौती हुई। जेल रोड पर भी कटौती से जनता परेशान रही।
बिजली विभाग की लापरवाही जगजाहिर है। शहरी क्षेत्र में कटौती का कोई प्रावधान नहीं है फिर भी बिजली कई बार कटती है। संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं।
रजनीश पांडे, आशापुर
अघोषित बिजली कटौती से पूरा क्षेत्र परेशान रहता है। जब कभी अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है तो उनका फोन नॉट रिचेबल बताता है।
दीनबंधु शर्मा, पतेरवा
बिल पूरा जमा कराने के बाद भरपूर बिजली नहीं मिल रही है। उमस भरी गर्मी में समय काटना मुश्किल हो गया है। यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में दिक्कत होगी।
आनंद कुमार यादव, श्रीनगर बाजार गोला
बिजली का कोई भरोसा नहीं है। कई बार तो घंटों बिजली कटी रहती है। इन्वर्टर भी बोल जाता है। उपकेंद्र का नंबर अकसर बिजी या डायवर्ट बताता है।
नितिन मिश्रा, पहड़िया