लक्खीसराय में होने की बात कही और स्थाई घर लठिया लौटने पर कहा कि आपके आधार कार्ड पर आपके नाम से नरेश गोयल जो मनी लॉन्डरिंग केस में जेल में है, उसने केनरा बैंक में पैसों की निकासी की है। यह 538 करोड़ मनी लॉन्डरिंग का केस है। इसमें आपके नाम और आधार कार्ड का मिस-यूज किया गया है। अतः संदेह है कि इसमें आपका हाथ हो सकता है, उसने एक डेबिट कार्ड दिखलाया, जिस पर महेश प्रसाद प्रिंट था।
तब मैने कहा कि आधार कार्ड हमेशा मेरे पास ही रहता है। मैंने किसी को भी नहीं दिया है। डेबिट कार्ड मैंने आज तक उपयोग नहीं किया है। ऑनलाइन पैसे का ट्रांसफर नहीं करता हूं। इसके बाद घर के अन्य परिवार के बारे में, बैंक और पैसे के बारे में, मकान, जमीन, सोना चांदी आदि के बारे में पूछा।
कहा कि अपना मोबाइल रात भर चार्ज में लगाकर रूम में रखें, मोबाइल का इस्तेमाल आप नहीं करेंगे। दूसरे दिन उसने कहा कि यह नेशनल कांफिडेंस का मामला है। किसी से भी यहां तक की बेटे से भी इस विषय पर बात नहीं करेंगे। आपका मोबाइल मेरी नजर में है। यदि किसी को भी बताया तो उसे गिरफ्तार कर लेंगे। आप जब तक पुलिस को सहयोग करते रहेंगे तब तक अरेस्ट नहीं करेंगे। अगले दिन से आप से ऑफिसर बात करेंगे।
बुजुर्ग महेश ने साइबर क्राइम थाने की पुलिस को बताया कि इसी तरह 13 मई तक मुझे परेशान करता रहा। 14 मई एक मैडम ने अपने को सीबीआई का अफसर बताया और कहा कि आप अपने बैंक का सारा पैसा आरटीजीएस कर दें, क्योंकि इसकी जांच करनी है। इस तीन बैंकों से 15 मई तक एक करोड़ दस लाख रुपये का आरटीजीएस किया है।
पैसे की जांच करने के बाद भी उसने फंड को मेरे बैंक में नहीं भेजा, जबकि मुझे नियम के अनुसार तीन दिन के बाद भेज देना चाहिए था। तब मुझे संदेह हुआ कि मुझे साइबर कांड में फंसा दिया गया है। साबइर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्र ने बताया कि मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच की जा रही है।