यूपी पुलिस के ऑपरेशन क्लीन के तहत गुरुवार को आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पूर्वांचल में आतंक के पर्याय बन चुके 50 हजार के इनामी बदमाश और उसके साथी को मुठभेड़ के बाद धर दबोचा।
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पूर्वांचल के कई जिलों में खौफ बना असिलाई गांव निवासी 50 हजार के ईनामी बदमाश शेराज उर्फ शहनवाज उर्फ फोड़े और फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी 25 हजार रुपये के इनामी साथी अजीम कुरैशी इस मुठभेड़ में घायल हो गए। जबकि दो बदमाश फायर करते हुए भाग निकले। । वहीं उनकी गोली से जहानागंज थाने का सिपाही रामकेवल यादव घायल हो गया।
घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा। बदमाशों के पास से एक सफेद रंग की कार, दो तमंचे, तीन कारतूस, 5 खोखे बरामद हुआ। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में लगी है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक एसओ जहानागंज मनोज सिंह गुरुवार को गोधौरा बार्डर पर गश्त कर रहे थे। तभी मुखबिर के जरिए सूचना मिली की सफेद रंग की कार में सवार चार संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। सूचना के बाद एसओ जहानागंज की ओर आने लगे।
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जैसे ही रामपुर गांव के पास पहुंचे कि सामने से तेज गति से आ रही कार झटके में सठियांव की ओर मुड़ गई। शक होने पर थानाध्यक्ष वायरलेस पर सूचना सार्वजनिक करते हुए बदमाशों के पीछे लग गए। संयोग रहा कि प्रभारी निरीक्षक तहबरपुर कृष्ण कुमार गुप्ता एक बदमाश के यहां दबिश देकर लौट रहे थे। सूचना के बाद वे सामने से सठियांव वाले रास्ते की तरफ मुड़ लिए। उधर आगे और पीछे से पुलिस की गाड़ी आते देख बदमाशों ने अपनी कार बजहां पुल के पास स्थित पेट्रोल टंकी से खेत की तरफ घुमा दिया।
आगे रास्ता बंद होने पर कार के भीतर से ही पुलिस पर फायर कर दिया। गोली जहानागंज एसओ की जीप पर लगी और शीशा टूट गया। जबकि दूसरी गोली थाने के सिपाही रामकेवल यादव के हाथ में लग गई। जवाबी कार्रवाई में यह दोनों बदमाश घायल हो गए। जबकि इनके दो साथी फायर करते हुए भाग निकले। फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही।
महिलाओं को अगवा कर लूटते थे आभूषण
पुलिस की गोली से घायल हुआ बदमाश शेराज उर्फ शहनवाज उर्फ फोड़े की अच्छी खासी गैंग है। इस गिरोह के सदस्य अक्सर चलती गाड़ी में महिलाओं को अगवाकर लेते थे। उनके आभूषण आदि लूटकर उन्हें दूर ले जाकर चलती गाड़ी से फेंक देते थे। इतना ही नहीं पीछा करने वाली पुलिस पर भी हमलावर हो जाते थे। लालगंज बाजार में स्थित सीसीटीवी फुटेज में इनका पूरा कृत्य कैद है। इनके आतंक से वाराणसी जोन की पुलिस परेशान थी। यह लोग शिकार पर धावा अक्सर भोर में वारदात को अंजाम देते थे जब सुबह लोग घूमने निकलते थे। गिरोह के सदस्य अलग-अलग गाड़ी से क्षेत्र में घूमकर घटनाओं को अंजाम देते हैं।
देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कलीचाबाद गांव निवासी डा. प्रवीर सिंह अपनी पत्नी डा. पूजा सिंह के साथ दस सितंबर की भोर में देवगांव तिराहे के पास वाहन के इंतजार में खड़े थे। तभी पिकअप सवार बदमाश पहुंचे और हाथापाई कर पूजा के गले से चेन और कर्णफूल छीनकर फरार हो गए। जबकि इससे पूर्व इन्हीं बदमाशों ने वाराणसी जिले के चौबेपुर के पास एक महिला को गाड़ी में अगवाकर उसके सारे आभूषण लूटकर उसे गाड़ी से नीचे फेंक दिया था। इसी दिन जहानागंज थाने के कारीसाथ गांव निवासी आशा देवी पत्नी रामसमुझ यादव को पिस्टल से भयभीत कर स्कार्पियो में बैठाकर फरार हो गए। गाड़ी में आशा के गहने लूटकर उसे करीब चार किलोमीटर दूर रोशनपुर चट्टी पर फेंककर फरार हो गए थे।
जबकि इसी दिन मेंहनगर की रहने वाली एक कक्षा नौ की छात्रा को चलती स्कार्पियो सवार बदमाशों ने अगवा किया। पुलिस के पीछा करने पर देवगांव के नरसिंहपुर गांव के पास फेंककर फरार हो गए। जबकि इसके पूर्व देवगांव के पूर्व कोतवाल विजय प्रताप सिंह की जीप पर ईंट पत्थर से हमला कर दिए थे। जिससे कोतवाली की जीप पलट गई थी। हालांकि सभी लोग बच गए। जबकि 11 नवंबर की रात को लालगंज बाजार में पीछा करने वाले सिपाही को पीटकर घायल कर दिया और उसकी बाइक तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दी। यह घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद है। एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि इन बदमाशों पर इनाम घोषित कर जोन स्तर पर निगरानी की जा रही थी।
बंदिशों के चलते नहीं किया एके 47 का प्रयोग
जिस स्थान पर पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ चल रही थी। वहां बदमाशों से मोर्चा लेने के लिए पुलिस के पास महज दो ही पिस्टल थी। दोनों पिस्टलों से थानाध्यक्ष लोहा ले रहे थे। सिपाहियों के पास एके 47 के अलावा कोई अन्य हथियार नहीं थे। जिसकी वजह से पुलिसवाले लाचार पड़े हुए थे।
घटनाक्रम पर गौर करें तो एसओ जहानागंज मनोज सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे। दिन में गश्त पर निकलने की वजह से इनके पास पर्याप्त सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं थे। जो सिपाही मौजूद था। उसके पास एके 47 थी। ऐसा ही कुछ हाल प्रभारी निरीक्षक तहबरपुर कृष्ण कुमार गुप्ता का भी रहा। हालांकि तहबरपुर थाने की पुलिस बदमाश के घर दबिश देने गई थी, लेकिन ज्यादातर सिपाहियों के पास डंडा था।
जहानागंज बाजार के आगे रामपुर मोड़ से जैसे ही बदमाशों की कार तेजी से सठियांव रोड पर मुड़ी कि शक के आधार पर एसओ जहानागंज वायरलेस पर सूचना सार्वजनिक करते हुए कार के पीछे लग गए। जबकि तहबरपुर थाने की पुलिस भी पीछे लग गई। ागे और पीछे पुलिस देखकर बदमाशों ने अपनी कार खेत की तरफ घुमा लिया। जिस स्थान पर कार खड़ी कर गोली चला रहे थे।
वहां अपना बचाव कर पोजीशन लेने के लिए भी कोई स्थान नहीं था। बदमाशों की गोली का जवाब दोनों ही थानाध्यक्ष अपने-अपने पिस्टल से दे रहे थे। सिपाहियों के पास मौजूद एके 47 से गोली चलाई जा सकती थी, लेकिन फायर करने के बाद तमाम तरह की जांच से गुजरने के डर से इस असलहे का प्रयोग नहीं हुआ। जिसका परिणाम रहा कि दो बदमाश फायर करते हुए आसानी से भाग निकले। सीओ सदर मो. अकमल खां ने कहा कि दोनों ही थानाध्यक्षों ने बहादुरी का परिचय दिया है।
शेराज और अजीम पेशेवर बदमाश हैं। काफी दिनों से सक्रिय शेराज ने अलग-अलग कई गिरोह खड़े कर लिया हैं जिनकी कमान अलग-अलग लोगों के हाथ में हैं। खुफिया विभाग की मदद से पुलिस ने इनाम घोषित कर गैंगेस्टर के तहत पाबंद कराई है।
इनमें गंभीरपुर थाना क्षेत्र के छाऊ गांव निवासी दानिश पुत्र वलेस्टर अपनी गिरोह का सरगना है। उसके गिरोह में कुल आठ सदस्य शामिल है। जबकि दूसरा गिरोह अहरौला थाना क्षेत्र के असिलाई गांव निवासी सेराज पुत्र जुल्फेकार का है। इस गिरोह में कुल छह सदस्य हैं।
तीसरा गिरोह फूलपुर कोतवाली के मुडिय़ार गांव निवासी कलीम पुत्र जहीर की है। इस गिरोह में कुल सात सदस्य हैं। चौथा गिरोह रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटिला गांव निवासी सुहेल पुत्र जैनूद्दीन की है। इस गिरोह में छह सदस्य हैं। जबकि पांचवा गिरोह मुडिय़ार गांव निवासी मो. हाफिज पुत्र वकील का है। इस गिरोह में कुल सात सदस्य शामिल हैं।