रुइया छात्रावास में दो बार मारपीट, चार छात्रों पर मुकदमा
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बीएचयू का माहौल शुक्रवार को एक बार फिर गरमा गया। शुक्रवार को दिन में आईआईटी बीएचयू में म्यूजिकल नाइट के विरोध को लेकर बिड़ला छात्रावास के छात्रों और आईआईटी छात्रों में हुए विवाद का मामला थमा भी नहीं था, रात आठ बजे रुइया छात्रावास के संस्कृत ब्लॉक में छात्रों के दो गुटों में भिड़त हो गई।
बाहर से आए कुछ अराजक तत्वों ने पत्थरबाजी के साथ वहां खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पथराव से छात्रावास के वार्डेन, साइबर लाइब्रेरी से छात्रों को लेकर आ रही बस और चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद परिसर में भारी फोर्स पहुंच गई।
एलडी गेस्ट हाउस के पास बैरीकेडिंग कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस बीच देर रात आला अधिकारियों की बैठक में परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई।
रुइया छात्रावास में शुक्रवार को दिन में छात्रों के गुटों में आपस में किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। इसमें एक छात्र को चोट लगी थी। इस छात्र ने लंका थाने में छात्रावास में रहने वाले चार छात्रों पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
देखते देखते बढ़ गया बवाल
वार्डेन की गाड़ी, बस और चीफ प्रॉक्टर की गाड़ी तोड़ी
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मुकदमे की जानकारी होने पर दूसरे गुट के छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। शाम करीब सात बजे दोनों गुटों में फिर कहासुनी हो गई और देखते-देखते बवाल बढ़ गया। इस बीच बाहर से आए कुछ अराजक तत्वों ने गेट पर खड़े होकर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वार्डन डॉ. श्रीकृष्ण तिवारी ने समझाने का प्रयास किया। वह छात्रों से बात कर रहे थे कि इसी बीच उनकी गाड़ी पर किसी ने पथराव शुरू कर दिया। रात करीब साढ़े आठ बजे छात्रों को साइबर लाइब्रेरी से लेकर आ रही बस पर भी पथराव किया गया।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह पहुंची तो उनके गाड़ी पर भी पत्थर मारा गया। मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने कहा कि गाड़ियों पर पथराव करने वाले छात्र एक ही हॉस्टल के थे। सभी मुंह पर कपड़े बांधे हुए थे, इसलिए उनकी पहचान नहीं हो सकी है। मारपीट, पथराव क्यों हुआ, इसकी जांच चल रही है।