बोर्ड परीक्षा फिर आईआईटी जेईई जैसा टफ कंप्टीशन...। इससे पार पाने के बाद कहीं जाकर आईआईटी बीएचयू में दाखिला और अब इंजीनियरिंग की टफ पढ़ाई। ऐसे में मन को एकाग्र और स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों की इसी मन: स्थिति को ध्यान में रखते हुए आईआईटी बीएचयू ने एक और खास पहल की है। मन को स्वस्थ और खुद पर संयम रखने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू छात्र-छात्राओं के लिए 28 अगस्त को विपश्यना शिविर का आयोजन करने जा रहा है।
ये शिविर सिर्फ आईआईटी बीएचयू के छात्र-छात्राओं के लिए ही नहीं बल्कि बीएचयू समेत बाहर के भी लोग भी इसमें हिस्सा ले सकेंगे। इस शिविर में थ्योरी और प्रैक्टिस दोनों सत्र चलेंगे। सुबह साढ़े दस बजे से ये शिविर शुरू होगा जिसमें विशेषज्ञ के तौर पर विपश्यना रिसर्च इंस्टीट्यूट के जीएस सिंह होंगे। थ्योरी में सबसे पहले विपश्यना ध्यान के बारे में बताया जाएगा।
इस दौरान विपश्यना विशेषज्ञ एसएन गोयनका का वीडियो दिखाया जाएगा। इसके बाद तकरीबन डेढ़ घंटे के प्रैक्टिकल सत्र में विपश्यना ध्यान कराया जाएगा। बता दें कि आईआईटी बीएचयू ने छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग के साथ साथ उन्हें मानवीय मूल्यों के साथ सींचने और कला, साहित्य और रचनात्मकता से जोड़ने की खास पहल की है। इस कड़ी में ये विपश्यना शिविर में भी छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में एक अहम भूमिका निभा सकता है।