अस्सी घाट स्थित सुबह ए बनारस की आरती में शामिल बीएचयू के कुलपति प्रो अजीत कुमार चतुर्वेदी। अमर
सुबह-ए-बनारस के 11 साल पूरे होने पर 12 घंटे तक सुर-संगीत की त्रिवेणी प्रवाहमान हुई। आनंद कानन के दिव्य एकादशाभ्युदय समारोह की पूर्णता पर शहनाई की मंगल ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चारण की प्रतिध्वनि और संन्यासियों की उपस्थिति के मध्य स्थापना दिवस मनाया गया। मंगलवार को सप्त आरती स्तवन और वैदिक यज्ञ का आयोजन भी हुआ।
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने सनातन परंपरा की निरंतरता और उपयोगिता के दृष्टिगत सुबह-ए-बनारस को अद्भुत और अप्रतिम प्रयास बताया। प्रभाती सत्र में जवाहर लाल ने शहनाई की मंगल ध्वनि से परिवेश को झंकृत किया। कोलकाता से पधारीं रिंपा शिवा ने अद्भुत तबला वादन कर सभी को स्पंदित कर दिया। हारमोनियम पर मोहित साहनी ने संगत की। स्वागत सुबह-ए-बनारस के उपाध्यक्ष पं. प्रमोद कुमार मिश्रा ने किया। संस्थापक सचिव डॉ. रत्नेश वर्मा ने 11 वर्षों की यात्रा की जानकारी दी। इस दौरान योगाचार्य विजय मिश्रा, मंजू मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, विनय तिवारी, रमेश तिवारी, प्रेम नारायण सिंह मौजूद रहे। संचालन अंकिता खत्री और डॉ. प्रीतेश आचार्य ने किया। इसके पूर्व कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, गंगा सिंह चौहान, प्रो. मारुतिनंदन तिवारी, प्रो. बृज भूषण ओझा ने दैविक अनुष्ठान का शुभारंभ किया।