काशी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य रही। एयरपोर्ट से लेकर मिर्जामुराद स्थित मेहंदीगंज जनसभा स्थल तक तगड़ा सुरक्षा घेरा रहा। बिना जांच किसी को भी जनसभा स्थल के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं थी। वहीं, सेना के हेलीकाप्टर से भी जनसभा स्थल की निगहबानी होती रही। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी एसपीजी के अधिकारियों ने बगैर अनुमति व पास आने वाले कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया। वीआईपी गेट और जनता प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहे।
दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर सेना के हेलीकाप्टर से पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बजकर 45 मिनट पर भाषण शुरू किया तो जनसभा स्थल में प्रवेश रोक दिया गया। 2.38 बजे तक चले भाषण तक किसी को बाहर नहीं जाने दिया गया। सुरक्षा कारणों के चलते एसपीजी ने पहले ही यह दिशानिर्देश सुरक्षा कर्मियों को दिए थे। वाराणसी एडीजी जोन बृजभूषण और आईजी रेंज एसके भगत निगरानी व्यवस्था में लगे रहे। वहीं, केंद्रीय व स्थानीय खुफिया एजेंसियां भी जनसभा में रहीं। सादे वेश में भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। मेहंदीगंज जनसभा स्थल से एयरपोर्ट वापसी के समय रिंग रोड पर अन्य वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का फ्लीट पहुंचने के बाद वाहनों को अनुमति दी गई। मेहंदीगंज में सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहा।
जाम के लिए इंतजाम हुआ धड़ाम
ग्रामीण पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए किए गए इंतजाम जनसभा समाप्त होने पर बेपटरी दिखे। एक साथ हजारों वाहनों के एकाएक सड़क पर आने से मिर्जामुराद चौराहा और रिंग रोड बुरी तरह से जाम हो गया। पार्किंग स्थल से सड़क पर आने में ही वाहन चालकों को आधे घंटे से अधिक का समय लग गया। प्रधानमंत्री के जाते ही सुरक्षा व्यवस्था में लगी पुलिस भी गायब हो गई। इस वजह से स्थिति और बिगड़ गई। कई माननीय तक जाम में फंसकर हांफते रहे।