मां शारदा अपाला वनवासी कन्या छात्रावास पिचाशमोचन में बुधवार को कामायनी संस्था का 19वां स्थापना दिवस मनाया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि कामायनी की स्थापना 2007 में मकर संक्रांति के दिन देश के सुप्रसिद्ध नाटककार प्रो. श्याम मोहन अस्थाना ने की थी। स्थापना के बाद से संस्था ने रंगमंच, साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
प्रो. अस्थाना की चर्चित नाट्य कृतियों में ‘बुद्धम् शरणम् गच्छामि’ और ‘मेरा नाम मथुरा है’ सहित कई नाटक हैं। संस्था की ओर से अंधेर नगरी चौपट राजा, मैकबेथ, शतरंज के खिलाड़ी, स्कंदगुप्त, अश्वत्थामा हतो नरो वा कुंजरो वा, कर्बला, गदर बनारस में समेत कई नाटकों का मंचन किया जा चुका है। स्थापना दिवस समारोह में अदिति ने देशभक्ति गीत, प्रियांशी ने खिचड़ी गीत, सोमी व सुनाल ने भावनृत्य प्रस्तुत किया। कथक नर्तक संदीप मौर्य की कथक प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। कोषाध्यक्ष वीणा सहाय, सचिव अमलेश श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव अमन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर छात्रावास की बालिकाओं के लिए कामायनी वाराणसी और भारत विकास परिषद, सत्यम शाखा की ओर से आहार और उपहार भी बांटे गए।