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जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले के मामले पर गृह मंत्रालय की नजर: महेंद्रनाथ पांडेय

Wed, 08 Jan 2020 12:00 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मंचासीन अतिथिगण - फोटो : a
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में भाग लेने आए केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि जेएनयू में हुए मामले पर गृहमंत्रालय की नजर है। राष्ट्रविरोधी तत्वों के साथ ही जो भी दोषी होगा, उन पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।

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सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. पांडेय ने तरुण गोगोई के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिन्ना पार्ट टू के बयान पर कहा कि इस पर गोगोई को माफी मांगनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सुरक्षा हटाए जाने वाले आरोपों पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मोदी और योगी की सरकार किसी के प्रति भी द्वेष भावना से कदम नहीं उठाती, यह संस्कार अखिलेश का हो सकता है।

भाजपा को निर्णय लेने का अधिकार है। राजस्थान के अस्पतालों में बच्चों की मौत पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को गंभीरता से लेनी चाहिए। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत को योगी सरकार से सबक लेना चाहिए कि किस तरह यूपी सरकार ने जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी को खत्म कर दिया। कहा कि भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर सीएए को लेकर व्याप्त भ्रम दूर कर रहे हैं।
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डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय - फोटो : amar ujala

जेएनयू में हमले के विरोध में शिक्षकों-छात्रों ने निकाला मार्च

जेएनयू में रविवार शाम को हुए हमले के विरोध में मंगलवार को बीएचयू में शिक्षकों-छात्रों ने मार्च निकाला। अनुसूचित जाति, जनजाति छात्र कार्यक्रम आयोजन समिति, ओबीसी, एससी,एसटी, एमटी संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

मधुबन पार्क में आयोजित सभा में इतिहासविद प्रोफेसर महेश प्रसाद अहिरवार ने कहा कि जेएनयू पर किया गया हमला आतंकी हमले से कम नहीं है। हथियारबंद अपराधियों का नकाबपोश गैंग निहत्थे और निर्दोष छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों की सुनियोजित तरीके से हत्या करने पर आमादा नजर आए। इस घटना से ऐसा लगा जैसे देश में संविधान और कानून का राज खत्म हो चुका है और देश तालिबानी शक्तियों के हाथों में जा पहुंचा है। घटना पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस, जेएनयू प्रशासन की चुप्पी संदेहास्पद है।

हिन्दू रक्षा दल जैसे धर्म के नाम पर आतंक फैलानेवाले संगठन ने हमले की जिम्मेदारी भी ली है, इसके बावजूद अभी तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया। सभा में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के शिक्षक डॉ. शांति लाल साल्वी सहित चंदन सागर, राहुल यादव, संदीप गौतम, विकास सिंह, अजय कुमार, सूर्यमणि गौतम, टिंकू कुमार, श्यामबाबू मौर्य, अर्चना बौद्ध आदि मौजूद रहे।

अभाविप पर प्रतिबंध का प्रस्ताव पारित

बीएचयू की अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग से संबंधित छात्र संगठनों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने प्रतिरोध सभा में एक सामूहिक प्रस्ताव पास कर घटना की निंदा की। इस दौरान हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, हिन्दू रक्षक दल जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
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