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धर्म के आधार पर बांटने का अधिकार किसी को नहीं

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वाराणसी। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध किया और कहा कि देश को धर्म के आधार पर बांटने का अधिकार किसी को नहीं है। भारत में रहने वालों से सबूत मांग कर अमन चैन बर्बाद किया जा रहा है। जब चुनाव लड़ रहे थे, तब तो कोई सबूत नहीं मांगे। देश में 15 करोड़ घुमंतू जाति के लोग हैं, वह कहां से प्रमाण पत्र देंगे।
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सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया और कहा, सीएए के मुद्दे पर पीएम मोदी कह रहे हैं कि एनआरसी जैसी कोई बात नहीं है, वहीं गृहमंत्री का कहना है कि असम की तरह ही पूरे देश में लागू होगा। जेएनयू में एबीवीपी ने नकाब पहन कर माहौल बिगाड़ा। कांग्रेस की सरकार में प्याज महंगा दिख रहा था। आज 60 रुपये किलो है, तो किसी को नहीं दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के लोगों ने देश के बड़े संस्थानों और कामों पर कब्जा कर लिया है। सपा, बसपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, अखिलेश और मायावती डर सकती हैं, मुझे किसी का डर नहीं है। राजभर ने दावा किया कि, 2022 में भागीदारी संकल्प मोर्चा चुनाव लड़ेगा। यूपी में भाजपा को नया मोर्चा टक्कर देगा।
मैं दूंगा एक हजार रुपये
विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार भाजपा पर जुबानी हमले के दौरान विवादास्पद बयान दिया। शाहीन बाग में धरने में पैसे लेने के सवाल पर बोले, भाजपा बिना किसी ठोस सबूत के हल्ला मचा रही है। भाजपा नेता अपनी पत्नी को लाएं और धरने पर बैठें, मैं एक हजार रुपये दूंगा।
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