अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण कोर्ट के बाहर आपसी समझौते के साथ करने का प्रयास करने वाले आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर ने मंगलवार को काशी से ओम अनुग्रह यात्रा का शुभारंभ किया।
वाराणसी सिटी स्टेशन से खुली श्री श्री रविशंकर स्पेशल ट्रेन मऊ, देवरिया, श्रावस्ती, गोरखपुर होते हुए लखनऊ जाएगी। इससे पहले वाराणसी के चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में संत समागम का आयोजन हुआ।
समागम में काशी, बिहार समेत देश के अन्य हिस्सों से संतों ने शिरकत की, लेकिन मुस्लिम व ईसाई धर्म गुरुओं के शामिल न होने से संत समाज में काफी नाराजगी देखी गई। संत समागम में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि राम मंदिर निर्माण मामले पर कहा कि पहल सही दिशा में चल रही है, इसका अच्छा नतीजा निकलेगा।
प्रयास के बावजूद नतीजा न निकल पाने के सवाल पर श्रीश्री ने कहा कि यह बहुत बड़ा काम है। चार छह महीने से प्रयास जारी है और बहुत आशा भी है। उन्होंने कहा कि हिन्दू संत और मुसलमान संत कह रहे हो कोर्ट का फैसला ही इस मामले में मान्य होगा।
मामले में जो पक्ष हारेगा वह 50 साल बाद फिर तोड़फोड़ करेगा। श्री श्री ने कहा, वक्त है कि हम सौहार्द दिखाएं। राम मंदिर के लिए संघर्ष अच्छी बात नहीं है। सौहार्द से अगर फैसला करेंगे तो आनंद होगा खुशियों का माहौल होगा और हमेशा के लिए समस्या दूर हो जाएगी।
उन्होंने फिर दोहराया कि इस समस्या का समाधान दोनों समुदायों के सहयोग से होगा। मामला सौ करोड़ लोगों की आस्था की आस्था से जुड़ा है।