सुरेश अपने बेटे और समाजसेवी अमन के साथ।
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सुरेश ने बताया कि इलाज तो काफी अच्छे से हो गया लेकिन कमजोरी के कारण कुछ समझ नहीं आ रहा था। अमन की सहायता से आज यानी गुरुवार को अपने परिवार से मिलकर खुश हूं। सुरेश को लेने उनका बड़ा बेटा, भांजा और एक अन्य व्यक्ति आया था। बेटे को देखते ही सुरेश के आंसू छलक उठे।
उनके बेटे ईएम बालाचारी ने बताया कि को हम लोग काफी दिनों से तलाश रहे थे। तिरुवल्लूर थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई गई थी लेकिन कोई सूचना नहीं मिली रही थी। एकाएक बनारस से अमन कबीर का फोन आया वीडियो काॅलिंग से हम लोगों ने पिताजी से बातचीत की तो हमें काफी राहत महसूस हुई।
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के सीएमएस डाॅ. गिरिश द्विवेदी ने बताया कि व्यास नगर स्टेशन के सुरक्षा कर्मचारी उन्हें घायलावस्था में लेकर आए थे। 21 अप्रैल को प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ट्राॅमा सेंटर रेफर किया गया था। बुजुर्ग कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे।