केस एक
कछवा रोड सेवापुरी ब्लॉक के प्रधानमंत्री सांसद आदर्श ग्राम पुरे के बसंत लाल सरोज ने 16 अगस्त को मुख्यमंत्री पोर्टल आईआरएस पर शिकायत दर्ज कराई कि गांव के तालाब में सफाई नहीं हो रही है। उनसे किसी अफसर ने संपर्क नहीं किया। 31 अगस्त को लखनऊ से उनके पास फोन आया कि आपकी शिकायत का निस्तारण हो गया है। आप कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि संफाई तो हुई नहीं, फिर कैसे संतुष्ट। इससे पहले ही 25 जुलाई को सीडीओ हिमांशु नागपाल ने भी गांव के निरीक्षण के दौरान तालाब की सफाई के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक तालाब की स्थिति जस की तस है।
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शिकायतकर्ता से मिले बिना ही हो गया निस्तारण
केस दो
चिरईगांव की ग्राम पंचायत विशुनपुरा सरैया के महाबली मिश्र ने गांव में सीवरलाइन जाम होने से मुख्य मार्ग पर गंदा पानी लगने की शिकायत की। कोई अफसर मौके पर निरीक्षण करने नहीं गया, महाबली मिश्र से बात भी नहीं की और शिकायत का निस्तारण हो गया। इसी गांव के अभिषेक मिश्र ने इंटरलॉकिंग रिपेयर की शिकायत कई बार दर्ज कराई, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही अभिषेक से संपर्क किया गया, लेकिन कागज में शिकायत का निस्तारण हो गया।
केस छह
ग्राम पंचायत काशीपुर के सेवानिवृत्त शिक्षक स्वर्गीय रामाश्रय पांडेय (उम्र 85 वर्ष) ने 11 अप्रैल 2019 को नक्शा संशोधन का वाद दाखिल किया था। 2023 में उनका निधन हो गया। निधन के बाद पुत्र रत्नेश पांडेय ने प्रकरण को आगे बढ़ाया। तो तहसील प्रशासन की ओर से यह कहते हुए रिपोर्ट जारी की गई कि फाइल उपलब्ध नहीं है। इसके बाद तहसील प्रशासन ने जनसुनवाई पोर्टल पर 7 दिनों में निस्तारित दिखा दिया। लेकिन समस्या बरकरार है।
क्या बोले डीएम
कई अधिकारी बिना मौके पर गए ही समाधान की रिपोर्ट पोर्टल पर भेज देते हैं। यदि आगे ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी