बनारस क्लब के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में अफसर लॉबी का दबदबा कायम है। इस लॉबी ने पिछले एक सप्ताह में साबित किया है कि होगा वही जो वो चाहेंगे। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान क्लब के दो सदस्यों पर ताबड़तोड़ गाज गिराने के बाद स्पष्ट हो गया है कि सचिव वही बनेगा जिसे अफसर लॉबी यानी कि मानद सदस्योें का समूह चाहेगा। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन बुधवार को 12 लोेगों ने पर्चा दाखिल किया। जिस तरह से अफसर लॉबी का दबाव बना हुआ है उससे क्लब की कार्यसमिति के सातोें सदस्य के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना है और पांच सदस्य गुरुवार को नाम वापस ले सकते हैं। भय और आतंक के कारण सदस्यों के एक धड़े ने चुनावी प्रक्रिया से किनारा कर लिया है।
1416 सदस्यीय बनारस क्लब के वार्षिक चुनाव में इस बार जमकर घमासान देखने को मिल रहा है। चुनाव से पहले क्लब के सदस्य के प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद उक्त सदस्य और उसका समर्थन करने के आरोप में एक अन्य की सदस्यता के खिलाफ कार्रवाई कर जांच बैठाई गई। इसे लेकर क्लब के सामान्य सदस्योें में खासा असंतोष है लेकिन कोई खुल कर कुछ पाने की स्थिति में नहीं है। बुधवार को नामांकन पर्चा दाखिल करने वालों में नवीन कपूर, जयदीप सिंह बबलू, दीपक माहेश्वरी, उदय राजगड़िया, राकेश वशिष्ठ, प्रदीप चौरसिया, सुनील कुमार, आलोक पांड्या, प्रफुल्ल सोमानी, नीरज अग्रवाल, राजीव सेंगर और डॉ. संजय राय रहे।
हालांकि नामांकन पर्चे 13 लिए गए थे लेकिन भरे 12 ही गए। गौर करने वाली बात यह है कि इस बार के चुनाव में पूर्व में क्लब के सचिव रह चुके चार सदस्य एक बार फिर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, वर्तमान सचिव कुमार अग्रवाल ने प्रत्यक्ष रूप से चुनाव से दूरी बना रखी है। इस संबंध में निर्वाचन अधिकारी एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि गुरुवार को नामांकन पर्चों की जांच के बाद शाम पांच बजे तक नाम वापसी और फिर प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। मतदान 25 सितंबर को होगा।