बचाव पक्ष ने कहा
मुख्य अभियुक्त टीचर ने बयान में आरोपों को गलत बताया। कहा कि उसने पीड़िता को पढ़ाई न करने पर डांटा था, क्योंकि वह 22 सितंबर, 2024 को गणित की किताब नहीं लाई थी। टीचर ने दावा किया कि उसने पीड़िता को घर से किताब लाने और अपने पिता को बुलाने के लिए कहा था।
इसके बाद पीड़िता के पिता उसके घर आकर लड़ने लगे और पीड़िता के परिवार वालों ने उसके और परिवार के साथ मारपीट की। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया। लेकिन अदालत में एक भी दलील टिक नहीं सकी।
फैसले में अदालत ने जताई गंभीर चिंता
फैसले में अदालत ने गुरु-शिष्य संबंध की महत्ता पर टिप्पणी की। अदालत के अनुसार, शिक्षक विद्यार्थी के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है और इस रिश्ते में विश्वास महत्वपूर्ण होता है। अदालत ने माना कि छात्रा के साथ अपराध इस विश्वास के विपरीत है।