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ओडिशा परब: मजबूत होंगे यूपी और ओडिशा के सांस्कृतिक-आर्थिक संबंध, आज से महोत्सव का शुभारंभ; पर्यटन को बढ़ावा

Fri, 21 Aug 2026 11:13 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में पहली बार आयोजित ओडिशा परब से उत्तर प्रदेश और ओडिशा के सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ आज होगा। आयोजन से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ओडिशा के कारीगर धोकरा और पट्टाचित्र कला का लाइव डेमो देंगे। महोत्सव में ओडिशा की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
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ओडिशा परब की जानकारी देते अतिथि। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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काशी और ओडिशा के बीच पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार से तीन दिवसीय ओडिशा परब का शुभारंभ होने जा रहा है। बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित कार्यक्रम का उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, विशिष्ट अतिथि के तौर पर ओडिशा की उप मुख्यमंत्री द्वय प्रभाती परिदा और केवी सिंह देव, उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी और उप्र पर्यटन के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

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आयोजन की तैयारियों के संदर्भ में शुक्रवार को टीएफसी सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में ओडिशा पर्यटन निदेशक (आईएएस) दीपंकर महापात्रा, अतिरिक्त निदेशक बिस्वजीत राउतारे, फिक्की यूपी स्टेट काउंसिल के प्रमुख अमित गुप्ता ने बताया कि 22 से 24 अगस्त तक कार्यक्रम चलेगा। 
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तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प, लजीज व्यंजनों और पर्यटन संभावनाओं को प्रदर्शित कर उत्तर प्रदेश और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है। आयोजन को लेकर टीएफसी परिसर में दिनभर तैयारियां चलती रहीं। परिसर को ओडिया थीम पर सजावट के साथ स्टॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि की रूपरेखा तय की गई।

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32 स्टॉल में दिखेगी ओडिया परंपरा और संस्कृति
टीएफसी परिसर में कुल 32 स्टॉल लगाए जाएंगे। इसमें 22 स्टॉल हस्तशिल्प के लगाए जाएंगे। जिसमें पट्टाचित्र, ताड़ के पत्तों पर नक्काशी, धोकरा कला, चांदी की बारीक कारीगरी (तारकशी), हथकरघा, कोटपैड वस्त्र, पीतल-कांसे के शिल्प और जूट उत्पाद की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। 

दर्शक कारीगरों द्वारा पट्टाचित्र और धोकरा कला का जीवंत प्रदर्शन (लाइव डेमो) भी देख सकते हैं। इसके अलावा 10 स्टॉल खान-पान के लगाए जाएंगे। इसमें ओडिया व्यंजन, प्रसिद्ध दहीबारा-आलूदम, पारंपरिक पीठा, मिठाइयां, बाजरा आधारित उत्पाद और कोरापुट की विशेष कॉफी का स्वाद भी आगंतुक चखेंगे।
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